नई दिल्ली/12 जुलाई 2026: देश में वृक्षारोपण को अब केवल सरकारी अभियान या मानसून के दौरान चलने वाली औपचारिक गतिविधि तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे जनभागीदारी से जुड़े एक संगठित राष्ट्रीय अभियान का स्वरूप देने की दिशा में केंद्र सरकार ने नई पहल की है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ‘वृक्ष मित्र परिवार’ की घोषणा करते हुए कहा कि अब देशभर में बिखरे वृक्षारोपण प्रयासों को एक साझा राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जा सके।
वृक्ष मित्र परिवार के जरिए वृक्षारोपण अभियान को मिलेगा राष्ट्रीय स्वरूप
नई दिल्ली में आयोजित ‘पर्यावरण संरक्षण संकल्प और वृक्ष मित्र संवाद’ कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ‘वृक्ष मित्र परिवार’ के तहत राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव तक समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों का उद्देश्य वृक्षारोपण को संगठित करना और लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी व संरक्षण सुनिश्चित करना होगा।
कार्यक्रम में देशभर से करीब 17 हजार वृक्ष मित्र डिजिटल माध्यम से जुड़े और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प में सहभागी बने।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की चिंता नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। बढ़ता तापमान, अनियमित बारिश, भूजल संकट, प्रदूषण और घटती हरियाली का सीधा असर खेती, जल संसाधनों और आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं होंगी। यदि हर नागरिक अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाए, तभी पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
हर परिवार से खास अवसरों पर पौधा लगाने की अपील
शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को प्रकृति से जोड़ें। उन्होंने सुझाव दिया कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चे के जन्म और दिवंगत परिजनों की स्मृति में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाया जाए। उनका कहना था कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।
हर वृक्ष मित्र हर साल लगाए एक पौधा, पांच लोगों को भी जोड़े
अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक वृक्ष मित्र से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और पांच नए लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने पर्यावरण संरक्षण संकल्प को सोशल मीडिया पर साझा करने की भी अपील की, ताकि 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या तक पूरे देश में मजबूत वृक्ष मित्र परिवार नेटवर्क तैयार किया जा सके।
पौधे लगाना नहीं, उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
कृषि मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि असली चुनौती पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना है। इसी उद्देश्य से गांवों और शहरों में स्थायी वृक्षारोपण स्थलों की पहचान करने तथा उनकी देखभाल के लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना सहित कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की शुरुआत भी वृक्षारोपण से की जानी चाहिए, ताकि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व मिले।
वृक्षारोपण को जल और मृदा संरक्षण से जोड़ा जाएगा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मिट्टी की घटती उर्वरता, भूजल का अत्यधिक दोहन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में वृक्षारोपण को जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली जैसे अभियानों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उनका मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टिकाऊ विकास की व्यापक राष्ट्रीय पहल का आधार बनेगा।
कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित पर्यावरणविद् अनिल जोशी और समाजसेवी चिकित्सक डॉ. अनूप हजेला ने भी लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव को पर्यावरण संरक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया।










