वायनाड (केरल)/07 जुलाई 2026: केरल के वायनाड भूस्खलन ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के खतरे को उजागर कर दिया है। मंगलवार को अनाक्कम्पॉयिल-कल्लाडी सुरंग सड़क परियोजना के पास हुए भीषण भूस्खलन में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई श्रमिकों और पर्यटकों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने तत्काल आपात बैठक बुलाकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
वायनाड भूस्खलन के बाद राहत अभियान तेज, मंत्रियों को मौके पर भेजा गया
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में वायनाड से जुड़े कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी भी मौजूद रहे। बैठक में सुरंग परियोजना के वायनाड छोर पर बने हालात का आकलन किया गया और बचाव कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी को तत्काल घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया। प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
भारी बारिश के बाद धंसी मिट्टी, निर्माण स्थल पर बढ़ा नुकसान
यह हादसा मीनाक्षी पुल के पास कलाड़ी क्षेत्र में हुआ, जहां सुरंग सड़क परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था। लगातार 24 घंटे तक हुई तेज बारिश के कारण निर्माण स्थल पर जमा मिट्टी का विशाल ढेर अचानक खिसक गया और आसपास का बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया।
घटना के दौरान निर्माण स्थल पर कई वाहन मौजूद थे। श्रमिकों को परियोजना स्थल तक लाने वाली एक बस भी वहीं खड़ी थी, जिसके मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि खोज अभियान आगे बढ़ने पर प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है।
चार मौतों की पुष्टि, कई लोग अब भी लापता
प्रशासन के अनुसार, वायनाड भूस्खलन में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा चार लोगों के लापता होने की आशंका है, जिनकी तलाश के लिए एनडीआरएफ, पुलिस, दमकल और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं।
हादसे में घायल हुए 10 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। बचाव दल भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से टनों मलबे को हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
इस भूस्खलन में एक चर्च और उसके पास स्थित एक मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
वायनाड में रेड अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड और कोझिकोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मनंथावडी क्षेत्र में 64 मिमी और वायथिरी में 123 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अलर्ट का अर्थ:
- रेड अलर्ट: 24 घंटे में 204 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी वर्षा।
- ऑरेंज अलर्ट: 115 से 204 मिमी तक बहुत भारी वर्षा।
- येलो अलर्ट: 64 से 115 मिमी के बीच भारी वर्षा।
प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
प्रियंका गांधी ने जताई चिंता, लोगों से सहयोग की अपील
वायनाड की सांसद और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में सभी सरकारी एजेंसियां समन्वय के साथ जुटी हुई हैं और फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी प्रार्थनाएं उन सभी लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं, जो इस कठिन समय से गुजर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बचाव दल जल्द से जल्द लापता लोगों तक पहुंचने में सफल होंगे।
बारिश के बीच प्रशासन की चुनौती बढ़ी
लगातार हो रही बारिश राहत अभियान में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। पहाड़ी इलाकों में मिट्टी लगातार खिसकने का खतरा बना हुआ है, जिससे बचावकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
वायनाड भूस्खलन ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि मानसून के दौरान संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा प्रबंधन की तैयारियां कितनी महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल राहत एजेंसियां समय के साथ दौड़ लगाते हुए मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हुई हैं।











