नई दिल्ली/19 जुलाई 2026। देश के उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को दिल्ली-यूपी समेत 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज बारिश के साथ 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। खासकर पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में भूस्खलन की घटनाओं के बाद केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जबकि कैलाश-मानसरोवर यात्रा का एक जत्था भी प्रभावित हुआ है।
14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की से लेकर भारी बारिश की संभावना है। इनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों के लिए अत्यधिक वर्षा और संभावित बाढ़ को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण
आईएमडी के मुताबिक 19 से 24 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में कई दौर की भारी बारिश हो सकती है। 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रविवार को कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं, लेकिन 20 से 23 जुलाई के बीच इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। इससे पिछले कई दिनों से बनी उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
यूपी, उत्तराखंड और राजस्थान में लगातार बरसेंगे बादल
उत्तर प्रदेश में 24 जुलाई तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वहीं राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 20 से 24 जुलाई के बीच तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 19 और 20 जुलाई को अत्यधिक वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
मध्य भारत में भी तेज बारिश के संकेत
पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 24 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ में 18 और 19 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 24 जुलाई के बीच बारिश का असर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी रफ्तार पर
बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। झारखंड और ओडिशा में 23 जुलाई तक लगातार वर्षा का दौर जारी रह सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून का असर बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 19 और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 जुलाई तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में अगले सात दिनों तक केवल हल्की या छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके विपरीत कोंकण और गोवा में 24 जुलाई तक लगातार वर्षा होती रहेगी। तटीय कर्नाटक में भी 24 जुलाई तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि केरल और लक्षद्वीप में 21 जुलाई तक अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।











