लखनऊ, 28 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तीकरण को सिर्फ योजनाओं और आंकड़ों तक सीमित रखने के बजाय इसे बेटियों के बदलते जीवन से जोड़कर पेश किया। ‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ स्नेहबंधन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन रक्षा के संकल्प के साथ-साथ सम्मान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का भी पर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की बेटियां पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ स्कूल जा रही हैं, उच्च शिक्षा हासिल कर रही हैं और रोजगार के नए क्षेत्रों में अपनी जगह बना रही हैं। उनके मुताबिक, भयमुक्त वातावरण से लेकर नाइट शिफ्ट में काम करने तक बेटियों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में आए बदलाव की तस्वीर दिखाती है।
महिला सशक्तीकरण: राखी के धागे से आत्मनिर्भरता तक का संदेश
मुख्यमंत्री योगी ने रक्षाबंधन को सामाजिक रिश्तों के साथ आर्थिक गतिविधियों से भी जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 15 करोड़ राखियां बंध रही हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी राखियों की है, जिन्हें स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों ने तैयार किया है।
योगी ने कहा कि एक राखी की खरीद सिर्फ त्योहार की रस्म पूरी नहीं करती, बल्कि उससे कारीगर, दुकानदार और बाजार की पूरी आर्थिक श्रृंखला जुड़ती है। ग्राहक से निकला पैसा कारीगर तक पहुंचता है और फिर बाजार में वापस आता है। इस तरह त्योहार स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देता है।
उनके मुताबिक, श्रद्धा और सम्मान से विश्वास पैदा होता है, विश्वास आत्मसम्मान को मजबूत करता है और आत्मसम्मान से आत्मनिर्भरता का रास्ता खुलता है। इसी सोच के साथ प्रदेश में मिशन शक्ति के जरिए बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर जोर दिया जा रहा है।
गरीब बेटियों के लिए स्कूल तक पहुंच आसान करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दौर का एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक दौरे के दौरान उन्होंने गरीब परिवार की बच्चियों को नंगे पैर और बिना यूनिफॉर्म के स्कूल जाते देखा था। उसी समय उनके मन में यह सवाल उठा कि जब शिक्षा का अधिकार सबके लिए है, तो सुविधाओं में इतना अंतर क्यों हो?
उन्होंने बताया कि इसके बाद बेटियों को दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते-मोजे और सर्दियों में स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बाद में इस सुविधा का विस्तार जरूरतमंद बच्चों तक किया गया।
सरकार के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कस्तूरबा विद्यालयों में अब 12वीं तक पढ़ेंगी बेटियां
योगी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में आठवीं कक्षा के बाद बड़ी संख्या में बेटियों की पढ़ाई रुक जाती थी। इसे देखते हुए सरकार ने इन विद्यालयों को 12वीं कक्षा तक विस्तार देने का फैसला किया है।
प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। इसके साथ ही अटल आवासीय विद्यालयों में बेटियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
यह बदलाव केवल स्कूल की कक्षा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए आठवीं के बाद भी पढ़ाई जारी रखने का रास्ता खुलना उनके आगे के अवसरों को सीधे प्रभावित करता है।
सैनिक स्कूल से रोजगार तक बेटियों के लिए खुला रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को समान अवसर देने की सोच शिक्षा के हर स्तर पर दिखाई दे रही है। उन्होंने लखनऊ स्थित परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर संचालित सैनिक स्कूल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में यहां बेटियों के प्रवेश की शुरुआत हुई थी।
उनके मुताबिक, अब देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों के लिए प्रवेश का रास्ता खुल चुका है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें बेटियां अपनी क्षमता और रुचि के मुताबिक किसी भी क्षेत्र को करियर के रूप में चुन सकें।
36 प्रतिशत से अधिक महिलाएं रोजगार से जुड़ीं
मुख्यमंत्री योगी ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बदलते उत्तर प्रदेश की एक अहम तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राज्य में महिलाओं की नौकरी और रोजगार में भागीदारी बेहद कम रही।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आजादी के बाद करीब 75 वर्षों तक केवल 12 प्रतिशत महिलाएं नौकरी या रोजगार से जुड़ी थीं। अब यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए निःशुल्क छात्रावास बनाने की पहल भी आगे बढ़ाई जा रही है। उनके मुताबिक, अब बेटियां नाइट शिफ्ट में काम करने से भी पीछे नहीं हट रहीं। उनके लिए सुरक्षा और आत्मविश्वास का वातावरण तैयार होना इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी है।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को तीन दिन मुफ्त बस यात्रा
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 27, 28 और 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नगरीय बस सेवाओं में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन तीन दिनों में कोई भी बेटी, बहन या माता अपने साथ एक सहयात्री लेकर बिना किराया दिए यात्रा कर सकती है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा लागू किए जाने की भी जानकारी उन्होंने दी।
महिलाएं अब कानून बनाने वाली संस्थाओं में भी बढ़ाएंगी भागीदारी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां बेटियां अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा रही हों। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल कानूनों और योजनाओं के पालन तक सीमित नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाएं पहले से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और आने वाले समय में विधानसभा तथा लोकसभा जैसी कानून बनाने वाली संस्थाओं में भी उनकी भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी बेटियों, बहनों और माताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बेटियों से मेहनत और परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने और उत्तर प्रदेश के साथ देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।











