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‘जब भारत अगुआई करता है, तो दुनिया सुनती है’, ब्रिक्स समिट 2026 की सफलता पर बोले राजनाथ सिंह

On: September 14, 2026
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ब्रिक्स समिट 2026 की सफलता पर बोले राजनाथ सिंह
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नई दिल्ली/14 सितंबर 2026। नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल समापन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जमकर सराहना की है। उन्होंने ब्रिक्स समिट 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत जब नेतृत्व करता है तो दुनिया उसकी बात सुनती है।

रक्षा मंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर ब्रिक्स सम्मेलन के निष्कर्षों और भारत की अध्यक्षता के दौरान तय की गई प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने ब्रिक्स अध्यक्ष के रूप में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा।

ब्रिक्स समिट 2026 में आम लोगों को केंद्र में रखने पर जोर

राजनाथ सिंह के मुताबिक भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सहयोग को केवल सरकारों और संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय आम लोगों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि समावेशी और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन की प्रमुख पहचान बना।

भारत की ओर से रखी गई इस सोच का उद्देश्य ब्रिक्स सहयोग को व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन से जोड़ना रहा। राजनाथ सिंह ने इसे भारत की अध्यक्षता की महत्वपूर्ण विशेषता के तौर पर रेखांकित किया।

नई दिल्ली घोषणा-पत्र को बताया बड़ी उपलब्धि

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 को अपनाया गया। राजनाथ सिंह ने इसे भारत की अध्यक्षता की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया।

उन्होंने कहा कि यह घोषणा-पत्र महज एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है। उनके अनुसार सम्मेलन के दौरान भारत ने वैश्विक दक्षिण यानी ग्लोबल साउथ को अंतरराष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने अधिक समावेशी, प्रतिनिधित्वपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था की वकालत की है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और निर्णय प्रक्रिया में अधिक महत्व देने का मुद्दा भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में लगातार प्रमुख रहा है।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच से जोड़ा भारतीय नेतृत्व

राजनाथ सिंह ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को देश की सभ्यतागत सोच ‘वसुधैव कुटुंबकम’ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत की दृष्टि में नेतृत्व का अर्थ केवल अपनी बात को सबसे ऊंची आवाज में रखना नहीं है, बल्कि अलग-अलग देशों और हितों के बीच मजबूत सहमति तैयार करना है।

उनके मुताबिक भारत ने ब्रिक्स के मंच पर सहयोग और सहमति के रास्ते को प्राथमिकता दी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब भारत नेतृत्व करता है तो दुनिया उसकी बात सुनती है।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ब्रिक्स का मंच वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, बहुपक्षीय सहयोग और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका को लगातार व्यापक कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रिक्स समिट 2026 की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की सफलता ने वैश्विक मंच पर भारत की प्रभावी मौजूदगी की छाप छोड़ी है।

उनके बयान से साफ है कि सरकार नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स सम्मेलन को भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है। भारत की अध्यक्षता में आम सहमति बनाने, ग्लोबल साउथ को प्राथमिकता देने और सहयोग को मानव-केंद्रित बनाने पर दिया गया जोर इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा रहा।

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