लखनऊ/27 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के यूपी बजट को योजनाओं और विकास कार्यों में तेजी से खर्च करने की तैयारी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नवंबर तक बजट की कम से कम 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जाएं और कुल बजट का न्यूनतम 60 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बजट का मकसद केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, बल्कि समय पर उसका उपयोग कर योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाना है।
रविवार को मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में बजट स्वीकृतियों और व्यय की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में विभागवार बजट खर्च की प्रगति, स्वीकृतियों में आ रही अड़चनों और विकास योजनाओं की रफ्तार पर चर्चा हुई।
यूपी बजट 2026-27 में खर्च बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। नवंबर तक 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने के साथ कुल बजट का कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने वित्त मंत्री से विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित समीक्षा करने को कहा। जिन विभागों में स्वीकृतियां जारी करने या धनराशि खर्च करने में किसी तरह की समस्या आ रही है, उसका तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त विभाग के अधिकारियों को भी बजट स्वीकृतियों और व्यय की प्रगति की नियमित रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
9.99 लाख करोड़ रुपये से अधिक है यूपी का बजट
अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ रुपये है। इसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अब तक 5,15,918.44 करोड़ रुपये, यानी करीब 51.6 प्रतिशत, की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इनमें योजनाओं से संबंधित 2.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृतियां शामिल हैं। प्रदेश में अब तक 2,83,870.11 करोड़ रुपये का वास्तविक व्यय दर्ज किया गया है।
हर गांव में किसानों की होगी मैपिंग
बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में किसानों की मैपिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र किसानों की पहचान की जा सके और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ आयोजित करने की योजना तैयार करने को भी कहा।
जीआई उत्पादों की ब्रांडिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने एमएसएमई विभाग को उत्तर प्रदेश के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की ब्रांडिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंच मिल सके।
विकास कार्यों में देरी पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित की योजनाओं और विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण या विकास कार्यों में अनावश्यक देरी अथवा गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों से फील्ड में जाकर विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। जहां काम की रफ्तार धीमी है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन उपलब्ध बजट का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध इस्तेमाल सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी।









