नई दिल्ली/5 नवंबर 2026: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि टोयोटा इस महीने अपनी इनोवा का ऐसा नया वर्जन पेश करने जा रही है, जो पूरी तरह 100 प्रतिशत बायोएथनॉल से चलेगा। इस वाहन का शुभारंभ 26 नवंबर को किया जाएगा। गडकरी के मुताबिक, यह तकनीक न केवल ईंधन की लागत कम करने में मदद करेगी, बल्कि पेट्रोल पर देश की निर्भरता घटाने की दिशा में भी अहम साबित हो सकती है।
टोयोटा इनोवा बायोएथनॉल मॉडल: पेट्रोल के मुकाबले काफी कम हो सकता है खर्च
‘पावरिंग द नेक्स्ट माइल’ सम्मेलन में नितिन गडकरी ने कहा कि टोयोटा इनोवा का नया मॉडल पेट्रोल के बजाय पूरी तरह बायोएथनॉल से संचालित होगा। उन्होंने इस वाहन की ईंधन लागत को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
गडकरी के अनुसार, एथनॉल की कीमत करीब 75 रुपये प्रति लीटर है, जबकि पेट्रोल लगभग 120 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। उन्होंने बताया कि वाहन चलते समय अपनी लगभग 60 प्रतिशत ऊर्जा बिजली से पैदा करेगा। इस तकनीक के आधार पर इसकी प्रभावी ईंधन लागत पेट्रोल के 25 से 30 रुपये प्रति लीटर के बराबर हो सकती है।
इससे वाहन चालकों को ईंधन खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक बचत वाहन की तकनीक, माइलेज और ईंधन की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज और कीमत पर भी बोले नितिन गडकरी
देश में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विकास पर चर्चा करते हुए नितिन गडकरी ने अपने शुरुआती अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि बजाज और टीवीएस के शुरुआती इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के शुभारंभ में उनकी भूमिका रही थी। उस समय इन वाहनों की रेंज लगभग 125 किलोमीटर हुआ करती थी।
गडकरी ने कहा कि बाद में कुछ स्टार्टअप कंपनियों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत कम करने के लिए बैटरी की क्षमता घटाई। इसके चलते बाजार में करीब 70,000 से 72,000 रुपये की कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर आने लगे, लेकिन उनकी रेंज घटकर लगभग 70 किलोमीटर रह गई।
यह उदाहरण बताता है कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के सामने कीमत और बेहतर रेंज के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बनी हुई है।
प्रदूषण कम करना भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती
नितिन गडकरी ने प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के सामने प्रदूषण कम करना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा।
एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास कर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में कम परिचालन खर्च वाला विकल्प बताते हुए उन्होंने इनके विस्तार पर जोर दिया।
भारत में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ बायोएथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में टोयोटा इनोवा का प्रस्तावित बायोएथनॉल मॉडल वाहन उद्योग में एक नई तकनीकी पहल के रूप में देखा जा सकता है।
क्या होगा टोयोटा इनोवा के नए मॉडल का फायदा?
बायोएथनॉल आधारित वाहन का सबसे बड़ा संभावित लाभ ईंधन खर्च में कमी और पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता घटाना है। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर उत्पादित एथनॉल के इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र और ऊर्जा सुरक्षा को भी फायदा मिल सकता है।
हालांकि, इस तकनीक की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वाहन की कीमत कितनी रखी जाती है, इसकी उपलब्धता कैसी रहती है और आम उपभोक्ता को वास्तविक उपयोग में कितनी बचत मिलती है।
नितिन गडकरी के इस ऐलान के बाद अब 26 नवंबर को टोयोटा इनोवा के नए बायोएथनॉल मॉडल के शुभारंभ पर नजरें रहेंगी।













