लखनऊ, 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब सिर्फ सुरक्षा खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि दुनिया को तकनीक देने वाला राष्ट्र बन चुका है। लखनऊ यूनिट में तैयार चार BrahMos Missile भारतीय सेना को सौंपने के अवसर पर उन्होंने कहा, “भारत अब टेकर नहीं, गिवर की भूमिका निभा रहा है।”
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर मिसाइल की खेप को डिलीवरी के लिए रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल केवल एक हथियार नहीं, बल्कि विकास का माध्यम है — इससे मिलने वाली जीएसटी आय से स्कूल और अस्पताल जैसे जनोपयोगी संस्थान बनाए जा सकेंगे।
लखनऊ बनेगा रक्षा उत्पादन का वैश्विक केंद्र
रक्षा मंत्री ने बताया कि बीते एक महीने में BrahMos टीम ने दो देशों के साथ चार हजार करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। “बहुत जल्द दुनिया के कई रक्षा विशेषज्ञ लखनऊ आएंगे। आने वाले वर्षों में यह शहर रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर अपनी जगह बनाएगा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने मुस्कुराते हुए जोड़ा, “देश के लिए इससे बड़ा धनतेरस क्या हो सकता है? आज मां लक्ष्मी हमारी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था — दोनों पर कृपा बरसा रही हैं।”
तीन हजार करोड़ का टर्नओवर, 500 करोड़ का GST योगदान
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि लखनऊ की BrahMos Missile यूनिट का सालाना टर्नओवर अगले वित्तीय वर्ष में तीन हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इससे पांच सौ करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह होगा, जो सीधे तौर पर राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं में उपयोगी साबित होगा।
“ब्रह्मोस एक हथियार नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और लोगों की सेहत का भविष्य गढ़ने वाला साधन है,” रक्षा मंत्री ने कहा।
एमएसएमई को भी मिलेगा नया बूस्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राजनाथ सिंह ने BrahMos के सिमुलेटर प्रदर्शन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इससे एमएसएमई सेक्टर को नई उड़ान मिलेगी। लखनऊ में पहले से दो लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, जो रक्षा उत्पादन में अब बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
“लखनऊ अब केवल तहज़ीब का शहर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और डिफेंस इनोवेशन का केंद्र बन गया है,” उन्होंने कहा।








