नई दिल्ली (Sun, 09 Nov 2025) — भारतीय वायुसेना की 93वीं वर्षगांठ इस बार कुछ खास रही। असम के लाचित घाट पर ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर हुआ ‘फ्लाइंग डिस्प्ले 2025’ एयरशो न केवल रोमांच से भरा था, बल्कि भारत की हवाई क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन भी था। रविवार को आयोजित इस एयरशो में वायुसेना के 75 उन्नत विमान और हेलिकॉप्टर एक साथ आकाश में उतरे और 25 अलग-अलग फार्मेशन से भारतीय शक्ति का परिचय दिया।
सूर्यकिरण और सारंग टीमों ने दिखाए अनोखे स्टंट
हजारों दर्शकों की मौजूदगी में वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने लाल-सफेद धुंए की लकीरों से आकाश में त्रिआयामी आकृतियां बनाईं, जबकि सारंग हेलिकॉप्टर टीम ने अपने नज़दीकी गठन और तीखे मोड़ों से रोमांच भर दिया। यह लंबे समय बाद था जब सारंग टीम की वापसी किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन में हुई।
‘दुश्मनों के लिए कड़ा संदेश’ — असम सीएम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस एयरशो ने देश के दुश्मनों को सख्त संदेश दिया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने लिखा:
“पूर्वोत्तर में पहली बार आयोजित एयर शो में वायुसेना ने ‘चिकन नेक’ के पास अपने कौशल, तकनीक और तेज़तर्रार प्रदर्शन से यह दिखा दिया है कि हम किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने बताया कि यह इलाका चार देशों की सीमाओं के बेहद करीब है, जिससे इसका सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।
कौन-कौन से विमान थे शामिल?
इस एयरशो में भारत की वायु शक्ति के कई प्रमुख विमान और हेलिकॉप्टर शामिल हुए, जिनमें थे:
- राफेल, सुखोई-30, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर
- आईएल-78 रिफ्यूलर, सी-17 ग्लोबमास्टर, एएन-32, सी-130 हर्कुलिस
- अपाचे, एमआई-17, एएलएच-ध्रुव एमके1 जैसे हेलिकॉप्टर
इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, ईस्टर्न कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सूरत सिंह और अन्य वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी शामिल होना था, मगर बिहार चुनाव व्यस्तताओं के चलते उपस्थित नहीं हो सके।
चिकन नेक क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
सिलिगुड़ी में स्थित संकरा क्षेत्र, जिसे ‘चिकन नेक’ या ‘सिलिगुड़ी कॉरिडोर’ कहा जाता है, भारत के मुख्य भूभाग को उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ने वाला एकमात्र स्थल मार्ग है। इस संकरी पट्टी की न्यूनतम चौड़ाई मात्र 20 किलोमीटर है और यह नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं के बेहद करीब स्थित है, जिससे इसकी सामरिक अहमियत कई गुना बढ़ जाती है।











