सोमवार, 9 फरवरी 2026 (लखनऊ)- मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए नागरिकों की शिकायतें सुनीं। शासकीय व्यस्तताओं के बीच यह संवाद कार्यक्रम फिर एक बार लोगों के लिए सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुँचाने का माध्यम बना। इसी दौरान हापुड़ से आए दो सैनिकों ने जमीन पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायत रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों की बात ध्यान से सुनी। शिकायत के अनुसार, वे दोनों भाई सेना में रहते हुए देश की सेवा कर रहे हैं, जबकि उनके नेत्रहीन पिता गांव में रहते हैं। आरोप है कि उनके ताऊ के बेटों ने आपराधिक दबंगई के बल पर उनकी पैतृक जमीन पर कब्जा कर लिया है और हथियारों के बल पर धमकियां भी दी जा रही हैं। इस संवेदनशील मामले पर मुख्यमंत्री ने हापुड़ प्रशासन को निर्देशित किया कि तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ सख्ती में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
जमीन कब्जे की शिकायत पर त्वरित प्रशासनिक एक्शन
सैनिक की पीड़ा सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्दी में देश की रक्षा करने वालों के परिवारों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत पत्र लेते हुए उन्होंने जांच, निस्तारण और विधिक कार्रवाई की समयबद्ध रिपोर्ट मांगी।
यह प्रकरण जनता दर्शन की उस उपयोगिता को भी रेखांकित करता है, जहां दूरदराज जिलों के लोग सीधे शीर्ष स्तर पर अपनी बात रख पाते हैं। जमीन कब्जे, राजस्व विवाद और दबंगई से जुड़े मामलों में प्रशासनिक तत्परता पर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया।
इलाज के लिए आर्थिक मदद: “एस्टिमेट दीजिए, सरकार इलाज कराएगी”
जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि संबंधित अस्पताल से इलाज का अनुमान (एस्टिमेट) बनवाकर प्रस्तुत करें। आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा—मरीज के स्वास्थ्य की चिंता परिवार करे, इलाज की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है।
बिजली, नगर निगम, राजस्व और स्थानीय निकायों से जुड़े प्रकरण भी सामने आए, जिन पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित और उचित निस्तारण के निर्देश दिए।
बच्चों को दुलार, पढ़ाई पर जोर और मोबाइल से दूरी की सीख
जनता दर्शन में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से बातचीत की। उनकी पढ़ाई, कक्षा और रुचियों के बारे में पूछा। फिर मुस्कुराते हुए समझाया—मन लगाकर पढ़ाई करो और मोबाइल से दूरी रखो। बच्चों को चॉकलेट देकर उन्होंने स्नेह भी जताया।
यह दृश्य कार्यक्रम के औपचारिक वातावरण के बीच एक मानवीय स्पर्श की तरह दिखा, जहां प्रशासनिक निर्देशों के साथ संवाद, स्नेह और प्रेरणा भी साथ-साथ चलती दिखी।










