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Google का बड़ा प्लान, भारत में AI हब और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस; अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी

On: May 8, 2026
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भारत में AI हब और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस; अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
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नई दिल्ली (Fri, 08 May 2026)। भारत तेजी से दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी बीच केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गूगल भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर निर्माण और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं तलाश रहा है।

गूगल अधिकारियों के साथ बैठक के बाद अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि कंपनी भारत को भविष्य की तकनीकों के बड़े केंद्र के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत में एआई इकोसिस्टम, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत तकनीकी निर्माण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

Google AI Hub को लेकर भारत पर बढ़ा भरोसा

केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दुनिया भर की टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़े स्तर पर निवेश कर रही हैं। गूगल भी इस दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत उसके लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजार बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की विशाल डिजिटल आबादी, तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और कुशल तकनीकी मानव संसाधन विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं। यही वजह है कि गूगल अब केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि भारत को एआई आधारित उत्पादन और रिसर्च का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

ड्रोन उत्पादन और सर्वर निर्माण पर भी जोर

अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया कि गूगल भारत में सर्वर निर्माण और ड्रोन उत्पादन जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाश रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में ड्रोन टेक्नोलॉजी कृषि, रक्षा, लॉजिस्टिक्स और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बड़ी भूमिका निभाएगी।

भारत सरकार पहले ही “मेक इन इंडिया” और सेमीकंडक्टर मिशन जैसी योजनाओं के जरिए हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में गूगल जैसी वैश्विक कंपनी का निवेश देश के तकनीकी क्षेत्र को नई गति दे सकता है।

टेक इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के अनुसार, अगर बड़े पैमाने पर सर्वर और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में विकसित होते हैं, तो इससे डेटा प्रोसेसिंग क्षमता मजबूत होगी और देश वैश्विक क्लाउड एवं एआई सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

सुंदर पिचाई पहले ही कर चुके हैं बड़े निवेश का ऐलान

गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने हाल ही में घोषणा की थी कि कंपनी 2026 में अपने कुल पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 185 अरब डॉलर तक ले जाएगी। इस निवेश का बड़ा हिस्सा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों के विस्तार पर केंद्रित होगा।

इसी रणनीति के तहत गूगल ने आंध्र प्रदेश में 15 अरब डॉलर की बड़ी निवेश योजना का भी ऐलान किया है। इस परियोजना के अंतर्गत विशाखापत्तनम में अत्याधुनिक AI Hub विकसित किया जाएगा, जिसका हाल ही में शिलान्यास भी किया गया है।

भारत बन रहा वैश्विक टेक निवेश का केंद्र

पिछले कुछ वर्षों में Apple, Microsoft, Google और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियों ने भारत में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ाई है। केंद्र सरकार की डिजिटल नीति, तेजी से बढ़ता इंटरनेट उपयोग और तकनीकी प्रतिभा का विशाल आधार भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एआई, ड्रोन और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रस्तावित निवेश जमीन पर उतरते हैं, तो इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि भारत वैश्विक टेक सप्लाई चेन में भी और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।

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