गोरखपुर, 16 मई 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन मार्ग पर स्थित ताल नदोर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम पूर्वांचल के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है। सरकार ने निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा 23 दिसंबर 2027 तय की है। यानी अगले 19 महीनों में यह अत्याधुनिक स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव और Indian Oil Corporation के चेयरमैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने भूमि पूजन किया और स्टेडियम के मॉडल का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से परियोजना का शिलान्यास किया।
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनेगा सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट
गोरखपुर में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन ने ताल नदोर क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराई थी, जिसके बाद 24 दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
लोक निर्माण विभाग (भवन खंड-1) के मुताबिक, परियोजना का लगभग सात प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सरकार की ओर से जारी पहली किश्त 63.39 करोड़ रुपये से शुरुआती निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह स्टेडियम केवल खेल परिसर नहीं, बल्कि पूर्वांचल की नई पहचान बनने जा रहा है। गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम बनने के बाद गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों और आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी पहचाना जाएगा।
30 हजार दर्शकों की क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम
करीब 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाला यह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसकी कुल दर्शक क्षमता 30 हजार होगी। स्टेडियम को “ग्राउंड प्लस टू फ्लोर” मॉडल पर तैयार किया जाएगा।
मुख्य मैदान पर खिलाड़ियों के लिए सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में लगभग 14,490-14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
स्टेडियम के नॉर्थ पैवेलियन में 208 वीआईपी और 382 मीडिया प्रतिनिधियों के बैठने की सुविधा रहेगी, जबकि साउथ पैवेलियन में 1708 वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
रात्रिकालीन मैचों के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार हाई-मास्ट फ्लडलाइट भी लगाई जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार यहां केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि बड़े सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजन भी कराए जा सकेंगे।
कनेक्टिविटी के लिहाज से रणनीतिक स्थान पर बन रहा स्टेडियम
ताल नदोर में प्रस्तावित यह स्टेडियम लोकेशन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन हाईवे से सीधे जुड़ा हुआ है। गोरखपुर एयरपोर्ट से इसकी दूरी करीब 24 किलोमीटर, जबकि रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर है।
बेहतर सड़क संपर्क के कारण खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों को यहां पहुंचने में आसानी होगी। माना जा रहा है कि भविष्य में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए यह स्थान काफी उपयुक्त साबित होगा।
पेट्रोलियम कंपनियों के CSR फंड से मिल रहे 100 करोड़ रुपये
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम परियोजना में देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियां भी सहयोग कर रही हैं। स्टेडियम निर्माण के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से कुल 100 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है।
इसके तहत Indian Oil Corporation की ओर से 60 करोड़ रुपये, Bharat Petroleum की तरफ से 30 करोड़ रुपये और Hindustan Petroleum की ओर से 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। एमओयू के बाद धनराशि आवंटन की प्रक्रिया जारी है।
पूर्वांचल के युवाओं को मिलेगा नया मंच
गोरखपुर में बनने वाला यह स्टेडियम केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि पूर्वांचल के हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों का नया मंच माना जा रहा है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं की मांग कर रहे पूर्वांचल को अब एक ऐसा केंद्र मिलने जा रहा है, जहां से भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में गोरखपुर की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई रफ्तार दे सकती है।








