गोरखपुर|14 जून 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित गोरखपुर जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का निस्तारण निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समयसीमा के भीतर किया जाए। खासतौर पर राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित दिग्विजय नाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी से बातचीत कर उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
गोरखपुर जनता दर्शन में शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर जरूरतमंद नागरिक के साथ खड़ी है और पात्र लोगों को न्याय दिलाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
राजस्व और पुलिस मामलों में लापरवाही पर जताई नाराजगी
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को समय पर न्याय मिले। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इलाज के लिए आर्थिक मदद का दिया भरोसा
कार्यक्रम में कुछ लोग चिकित्सा सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि वे अपने परिजनों के इलाज और स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जबकि आर्थिक सहायता की चिंता सरकार पर छोड़ दें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र और जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड तत्काल बनवाए जाएं ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। साथ ही आवश्यक मामलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।
गोशाला में गोसेवा और बच्चों से आत्मीय मुलाकात
रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या हमेशा की तरह धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की।
उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाई तथा उनके प्रति स्नेह व्यक्त किया। इसके बाद मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान परिवारों के साथ आए बच्चों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और मन लगाकर पढ़ने तथा जीवन में आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान भी बच्चों के प्रति उनका स्नेह देखने को मिला, जहां उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।











