गोरखपुर|14 जून 2026: गोरखपुर में रविवार का दिन विकास और खेल भावना, दोनों के लिहाज से खास रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ओर करीब 1000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, वहीं दूसरी ओर हॉकी मैदान में उतरकर खिलाड़ियों का उत्साह भी बढ़ाया। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हॉकी स्टिक थामी और मैच की शुरुआत करते हुए दो शानदार गोल दाग दिए। उनके इस अंदाज ने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया।
मुख्यमंत्री के गोल करते ही वहां मौजूद सांसद रवि किशन शुक्ल भी उत्साह में मैदान की ओर दौड़ पड़े। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनसे खेल सुविधाओं को लेकर बातचीत की और खेलों के विकास पर भी चर्चा की।
CM योगी गोरखपुर दौरा: हजार करोड़ की योजनाओं को मिली रफ्तार
लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर महानगर के विकास के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अवसर पर सुपोषण अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत भी की गई है, जिसका उद्देश्य बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
बच्चों के पहले 1000 दिन सबसे अहम: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बच्चे के जीवन के शुरुआती एक हजार दिन उसके भविष्य की नींव तय करते हैं। यदि इस अवधि में सही पोषण और देखभाल मिले तो बच्चे को मजबूत और स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में प्रयागराज से टेक होम राशन योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पोषण संबंधी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। अब इसी अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि तीन वर्ष की आयु के बाद बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ा जाए, जहां वे पोषण के साथ-साथ खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा भी प्राप्त कर सकें। वर्तमान में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका संचालित हैं।
गोरखपुर की बदली तस्वीर का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले और वर्तमान गोरखपुर की स्थिति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि कभी यह शहर बीमारी, जलभराव, खराब आधारभूत सुविधाओं और सीमित रोजगार अवसरों जैसी समस्याओं से जूझता था।
उन्होंने कहा कि पहले बिजली की उपलब्धता बेहद सीमित थी और लोगों को इसके लिए आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी ने वर्षों तक पूर्वांचल को प्रभावित किया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज और बंद पड़ा उर्वरक कारखाना क्षेत्र की चुनौतियों का प्रतीक बन गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है, उर्वरक कारखाना दोबारा संचालित हो रहा है, सड़क नेटवर्क मजबूत हुआ है और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं मिल रही हैं।
सड़क, पर्यटन और एयर कनेक्टिविटी में हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में गोरखपुर की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब लखनऊ की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे और वाराणसी की दूरी करीब ढाई घंटे में तय की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि शहर चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों से जुड़ चुका है और एयर कनेक्टिविटी भी मजबूत हुई है। रामगढ़ताल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि चिलुआताल को भी पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को आवास और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास पर लगातार निवेश किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं से की अपील
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को सोमवती अमावस्या की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नदियों में स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करें। साथ ही बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी।









