गोरखपुर|14 जून 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर स्थित एनेक्सी भवन में गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में चल रही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सड़क निर्माण, पुल परियोजनाओं और अन्य आधारभूत ढांचा विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मानसून से पहले जिन परियोजनाओं को पूरा किया जाना है, उन पर विशेष फोकस किया जाए और निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाए। बैठक में शासन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
गोरखपुर-आजमगढ़ विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्य युद्धस्तर पर चलाए जाएं ताकि लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी हो और किसी भी स्तर पर देरी की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत दोनों मंडलों के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाएं ताकि धनराशि स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से प्राप्त विकास प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। जिन परियोजनाओं की स्वीकृति लंबित है, उनकी प्रक्रिया जून के अंत तक पूरी कर ली जाए और उसके बाद शीघ्र शिलान्यास सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि बीच में काम रुकने की नौबत न आए और परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हो सकें।
कमिश्नर और डीएम करेंगे नियमित समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने संबंधित मंडलों के आयुक्तों और जिलाधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित करें। इससे निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी समस्या का समाधान समय रहते किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं की सफलता केवल बजट स्वीकृति से नहीं, बल्कि समय पर क्रियान्वयन से सुनिश्चित होती है। इसलिए सभी स्तरों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
श्रमिकों की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सेतु निगम की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी श्रमिकों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाए और निर्माण स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपायों का पूरी तरह पालन हो। साथ ही अधिकारियों को तकनीक आधारित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर परियोजनाओं की निगरानी करने को भी कहा।
मोहन सेतु परियोजना की प्रगति पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन मोहन सेतु परियोजना की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि जिन ठेकेदारों ने अत्यधिक कम दरों पर टेंडर हासिल किए हैं, उन पर विशेष नजर रखी जाए। ऐसे मामलों की निगरानी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता न हो।
जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री एवं बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर सांसद रवि किशन, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह सहित गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल के कई विधायक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











