लखनऊ, 15 जून 2026। कभी जिन खेतों में फसलें लहलहाती थीं, आज उसी जमीन पर देश के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आकार ले रहा है। इस बदलाव को अपनी आंखों से देखने वाले जेवर के किसानों ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद के दौरान विकास, कानून-व्यवस्था और क्षेत्र में आए परिवर्तन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
पहली बार हवाई जहाज में सफर कर लखनऊ पहुंचे किसानों ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में जेवर और आसपास के इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। किसानों के मुताबिक, जहां कभी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहीं आज एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट क्षेत्र की नई पहचान बन रहे हैं।
“पहले डर था, अब भरोसा है”
संवाद के दौरान किसान हंसराज ने 2017 से पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय एक बुजुर्ग महिला की पेंशन की रकम रास्ते में लूट ली गई थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोगों के मन में असुरक्षा का भाव रहता था।
इसके विपरीत उन्होंने वर्ष 2019 की एक घटना साझा करते हुए बताया कि भूमि अधिग्रहण मुआवजे के दौरान उनके गांव के एक व्यक्ति ने बैंक से 25 लाख रुपये निकाले और बिना किसी भय के घर तक लेकर गया। जब उनसे पूछा गया कि इतनी बड़ी रकम लेकर अकेले क्यों जा रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब कानून-व्यवस्था ऐसी है कि किसी को पैसे छीनने की हिम्मत नहीं होगी।
हंसराज ने कहा कि इन दो घटनाओं से पुराने और वर्तमान उत्तर प्रदेश के बीच का अंतर साफ समझा जा सकता है।
जेवर एयरपोर्ट किसानों के लिए पहली हवाई यात्रा बनी यादगार
मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे अधिकांश किसानों के लिए यह यात्रा जीवन का अनोखा अनुभव साबित हुई। किसानों ने बताया कि उन्होंने अब तक केवल आसमान में उड़ते विमान देखे थे, लेकिन पहली बार उसमें बैठकर यात्रा करने का अवसर मिला।
कई किसानों ने भावुक होकर कहा कि जिस जमीन पर कभी वे खेती करते थे, आज उसी जमीन से विमान उड़ान भर रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि क्षेत्र के बदलते भविष्य का प्रतीक है।
हज से लौटे किसान ने दिया मुख्यमंत्री को आशीर्वाद
बुजुर्ग किसान जफरू खां ने कहा कि जेवर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का लाभ सभी समुदायों को मिला है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और अन्य परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिससे युवाओं का भविष्य मजबूत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि हज यात्रा से लौटने के बाद वह विशेष रूप से मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं और आशीर्वाद देने पहुंचे हैं। उनके अनुसार क्षेत्र में जितना विकास पिछले वर्षों में हुआ है, उतना पहले कभी देखने को नहीं मिला।
शिक्षा और अवसरों में भी दिखा बदलाव
संवाद में शामिल डॉ. हिरा राशिद ने बताया कि क्षेत्र में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पहले काफी सीमित थी। इंटरनेट, परिवहन और शैक्षणिक संसाधनों की कमी छात्रों के लिए बड़ी चुनौती थी।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के विस्तार के साथ शिक्षा के अवसर बढ़े और उन्हें मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिला। डॉ. राशिद ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने बिना किसी कोचिंग के नीट परीक्षा उत्तीर्ण की और बाद में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।
“पुराने और नए जेवर में जमीन-आसमान का अंतर”
रीता नामक किसान परिवार की सदस्य ने कहा कि वर्ष 1997 में विवाह के बाद जब वह जेवर आई थीं, तब क्षेत्र में उच्च शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं लगभग नहीं थीं। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सड़क, परिवहन और अन्य सुविधाओं में तेजी से सुधार हुआ है। अब स्थानीय स्तर पर ही विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
एयरपोर्ट से बदलेगी पूरे क्षेत्र की तस्वीर
किसान महेंद्र शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि जमीन के बदले मिले मुआवजे से किसानों ने वैकल्पिक संपत्तियां खरीदी हैं, लेकिन एयरपोर्ट का दीर्घकालिक लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा।
वहीं, चरण सिंह ने कहा कि विकास कार्यों का फायदा समाज के सभी वर्गों तक पहुंचा है। सड़क, रोजगार और शिक्षा जैसी सुविधाओं ने लोगों के जीवन स्तर में सुधार किया है।
मुख्यमंत्री को भेंट किए गए स्मृति चिह्न
संवाद कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “किसान की उड़ान” नामक विशेष स्मृति चिह्न भेंट किया। इस अवसर पर महिला किसानों ने राधा-कृष्ण की प्रतिमा भी मुख्यमंत्री को भेंट की। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे और उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।











