कानपुर, 18 जून 2026। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कार्यशाला और समीक्षा बैठक के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सादा और सात्विक भोजन चर्चा का विषय बन गया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक से पहले पारंपरिक भारतीय व्यंजनों का स्वाद लिया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित गृह विज्ञान महाविद्यालय सभागार में मुख्यमंत्री के लिए विशेष रूप से सात्विक भोजन तैयार कराया गया था। भोजन की पूरी व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन की देखरेख में की गई थी, जिसमें सादगी और पारंपरिक खानपान को प्राथमिकता दी गई।
सीएम योगी का सादा भोजन बना चर्चा का विषय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को परोसे गए भोजन में बिना प्याज और लहसुन की दाल, लौकी की सब्जी, तरोई की सब्जी सहित कई पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। भोजन पूरी तरह सात्विक रखा गया था, जो मुख्यमंत्री की खानपान शैली के अनुरूप था।
भोजन के अंत में मुख्यमंत्री ने खीर का स्वाद भी लिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच मुख्यमंत्री का यह सादा भोजन आकर्षण का केंद्र बना रहा। प्राकृतिक खेती और स्वस्थ जीवनशैली पर आयोजित कार्यक्रम के बीच स्थानीय कृषि उत्पादों से तैयार भोजन को भी प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना गया।
समीक्षा बैठक से पहले किया दोपहर का भोजन
सीएसए परिसर में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला के समापन के बाद मुख्यमंत्री को कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक में शामिल होना था। इससे पहले उन्होंने सभागार में दोपहर का भोजन किया और कुछ समय विश्राम भी किया।
इस दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्रीय विधायक भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों के लिए पारंपरिक भोजन की व्यवस्था की गई थी।
प्राकृतिक खेती के संदेश से जुड़ा रहा पूरा आयोजन
कानपुर में आयोजित यह कार्यक्रम प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर केंद्रित रहा। ऐसे में स्थानीय और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना कार्यक्रम की थीम के अनुरूप भी माना गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्राकृतिक खेती और रसायनमुक्त कृषि को बढ़ावा देने की बात करते रहे हैं। ऐसे में सीएसए में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनका सादा और सात्विक भोजन भी इसी संदेश को मजबूत करता नजर आया।










