अयोध्या|19 जून 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने अयोध्या दौरे के दौरान रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करने के बाद रामनगरी को एक और महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग पर नगर निगम द्वारा निर्मित रामायण वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय केवल एक पर्यटन परियोजना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्शों और रामायण परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
करीब सात करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस आधुनिक म्यूजियम में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को मोम की जीवंत प्रतिमाओं के जरिए दर्शाया गया है। संग्रहालय में राम जन्म, गुरुकुल जीवन, वनवास, माता सीता हरण, लंका विजय और राम राज्य जैसे महत्वपूर्ण अध्यायों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक रामायण काल की घटनाओं को करीब से महसूस कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या आज केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षा का सामना करने वाली रामनगरी अब आधुनिक सुविधाओं और भव्य विकास कार्यों के कारण देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
उन्होंने कहा कि चौड़ी सड़कें, बेहतर यातायात व्यवस्था, आधुनिक पर्यटन सुविधाएं और धार्मिक स्थलों का विकास अयोध्या को नई पहचान दे रहा है। सरकार का प्रयास है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु को बेहतर अनुभव मिले और वह रामनगरी की आध्यात्मिक विरासत को सहज रूप से महसूस कर सके।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने हनुमानगढ़ी में भी पूजा-अर्चना कर संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव महोत्सव का उद्घाटन किया।
अपने पूरे दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संत समाज से भी मुलाकात की। उन्होंने संतों का कुशलक्षेम जाना और धार्मिक व सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा की। अयोध्या में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
रामायण वैक्स म्यूजियम के लोकार्पण को अयोध्या के सांस्कृतिक पर्यटन के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह म्यूजियम आने वाले समय में श्रद्धालुओं, छात्रों और पर्यटकों के लिए ज्ञान और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।











