25 जून 2026|लखनऊ: अलीगंज में हुए दर्दनाक लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अग्निसुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर प्रदेशव्यापी कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन विभाग और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीमें लगातार दूसरे दिन भी मैदान में रहीं। अब तक प्रदेशभर में 335 से अधिक भवनों को सील किया जा चुका है, जबकि 1,000 से ज्यादा भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर निर्धारित सुरक्षा मानकों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ अस्पतालों, होटलों, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी व्यापक जांच की जा रही है।
दो दिनों में तेज हुई कार्रवाई, बुधवार को 250 से अधिक भवन हुए सील
प्रदेश में मंगलवार से शुरू हुए विशेष अभियान के तहत पहले दिन 85 से अधिक संस्थानों को सील किया गया था। वहीं बुधवार को कार्रवाई और तेज हुई तथा 250 से अधिक भवनों को सील कर दिया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 335 से ज्यादा भवनों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा चुकी है।
जिन भवनों में केवल मामूली कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल सील करने के बजाय नोटिस देकर अग्निसुरक्षा और भवन मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 युवाओं की मौत के बाद सरकार ने दिखाई सख्ती
राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को एक अवैध तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग में 15 युवाओं की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी बताते हुए कहा था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
इसी निर्देश के बाद प्रदेशभर में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ऐसे कोचिंग संस्थान मिले जो बेसमेंट में संचालित हो रहे थे या जहां आपातकालीन निकासी और अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
लखनऊ से लेकर वाराणसी तक कार्रवाई, कई बड़े संस्थान भी जांच के दायरे में
राजधानी लखनऊ में प्रशासन की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाकर 35 से अधिक कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील किया। इनमें अकेले हजरतगंज क्षेत्र की 23 कोचिंग और लाइब्रेरी शामिल हैं। अग्निसुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण एलन, फिजिक्स वाला और ग्रेविटी जैसे प्रमुख कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई की गई।
इसके अलावा कानपुर देहात में 27 कोचिंग भवन सील किए गए। वाराणसी में 30 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी बंद कराए गए, जबकि बागपत में 20 संस्थानों पर सील लगाने की कार्रवाई हुई। महोबा में नौ कोचिंग और लाइब्रेरी सील की गईं तथा आठ संस्थानों को नोटिस जारी किए गए। वृंदावन में अवैध रूप से संचालित 12 होटल और गेस्ट हाउस भी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आए।
अस्पतालों और अन्य व्यावसायिक भवनों की भी हो रही जांच
कार्रवाई केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रही। कानपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने करीब 400 अस्पतालों को नोटिस जारी कर बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग, स्टोर या शौचालय के लिए करने और अग्निशमन मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने भी पंजीकृत 22 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। मुरादाबाद में अग्निसुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अल्फा हॉस्पिटल, क्योर हॉस्पिटल और दीपा हॉस्पिटल को भी सील कर दिया गया।
एसआईटी कर रही जांच, शुरुआती रिपोर्ट में सामने आई बड़ी लापरवाही
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड की जांच के लिए राज्य सरकार ने दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसमें प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और एडीजी जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस भवन में आग लगी, वहां केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था, जिससे आग लगने के बाद अंदर मौजूद छात्र बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा भवन में 20 किलोवाट का विद्युत कनेक्शन स्वीकृत था, जबकि मौके पर लगभग 40 किलोवाट का विद्युत भार उपयोग में पाया गया। जांच एजेंसियां अब भवन निर्माण, सुरक्षा मानकों और संबंधित विभागों की भूमिका की भी विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।










