24 जून 2026|लखनऊ: देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु में इन दिनों उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। हाल ही में आयोजित एक प्रमुख निवेशक संवाद कार्यक्रम में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), रियल एस्टेट, स्टार्टअप, मानव संसाधन और इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश को निवेश और नवाचार के लिए देश के सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश ने जिस गति से बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक नीतियों में सुधार किया है, उसने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
यूपी निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से बना पहचान
बेंगलुरु में आयोजित इस संवाद के दौरान उद्योग जगत के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने माना कि उत्तर प्रदेश अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार सृजन का उभरता हुआ केंद्र बन चुका है। राज्य सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों और तेज फैसले लेने की क्षमता ने वैश्विक कंपनियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी विशाल युवा आबादी, बेहतर होती कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक ढांचा है। यही कारण है कि देश और विदेश की कई कंपनियां अपने विस्तार की योजनाओं में यूपी को प्राथमिकता दे रही हैं।
GCC सेक्टर के लिए नया अवसर बन रहा उत्तर प्रदेश
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और एआई रणनीतिकार अनिल पद्मनाभन ने कहा कि उत्तर प्रदेश GCC सेक्टर के लिए तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। उनका मानना है कि भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रही वैश्विक कंपनियों के लिए अब उत्तर प्रदेश का मूल्यांकन करना लगभग अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद से निवेश का माहौल और अधिक सकारात्मक हुआ है। यही वजह है कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।
नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर पर निवेशकों की नजर
सत्त्व ग्रुप के डायरेक्टर (कॉरपोरेट अफेयर्स) पी.के. मिश्रा ने कहा कि पारदर्शी नीतियों और प्रशासनिक दक्षता ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। उनके अनुसार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास विकसित हो रहा क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे प्रभावशाली आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर में शामिल हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क इस क्षेत्र को उद्योगों और सेवा क्षेत्र के लिए और अधिक आकर्षक बना रहा है।
रोजगार सृजन में भी बढ़ रही संभावनाएं
ग्लोबल इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी एऑन की निदेशक शेरिन जॉन ने बताया कि नोएडा में कंपनी अपने संचालन का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी आने वाले समय में 600 से 1000 नए कर्मचारियों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
वहीं, टीमलीज सर्विसेज की प्रबंध निदेशक अपर्णा मित्रा ने उत्तर प्रदेश के विशाल प्रतिभा भंडार की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में राज्य निवेशकों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। उनके अनुसार वर्तमान समय प्रदेश में निवेश के लिए बेहद अनुकूल है।
स्टार्टअप और नवाचार का मजबूत इकोसिस्टम
आविष्कार समूह और इंटेलीकैप से जुड़ी सायना देनुगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने स्टार्टअप्स और नए उद्यमों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है। उन्होंने कहा कि देश के पारंपरिक कारोबारी केंद्रों पर बढ़ते दबाव के बीच यूपी नई पीढ़ी के उद्यमियों के लिए एक व्यवहारिक और संभावनाओं से भरा विकल्प बनकर सामने आया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में लखनऊ सहित प्रदेश के कई शहर कृषि तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
भविष्य की योजनाओं में शामिल हो रहा यूपी
टीई कनेक्टिविटी की प्रतिनिधि सुनीता ने भी उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कंपनी भविष्य के विस्तार के लिए प्रदेश का गंभीरता से मूल्यांकन कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा निवेश और लगातार सुधार की इच्छा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
बेंगलुरु में हुई यह चर्चा इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब केवल भौगोलिक दृष्टि से बड़ा राज्य नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में देश की नई विकास कहानी लिखने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उद्योग जगत का बढ़ता विश्वास यह दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में यूपी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।








