नई दिल्ली/30 जून 2026: अगर आप जुलाई में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का ताजा पूर्वानुमान आपके लिए अहम है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि जुलाई 2026 में देशभर में औसतन सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अच्छी वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है। इसके साथ ही कई राज्यों के लिए तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
देशभर में जुलाई की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को जारी मासिक पूर्वानुमान में बताया कि जुलाई के दौरान पूरे देश में दीर्घकालिक औसत (Long Period Average-LPA) का लगभग 94 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। जुलाई महीने के लिए भारत का दीर्घकालिक औसत वर्षा स्तर 280.4 मिमी माना जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 94 प्रतिशत वर्षा का अनुमान यह संकेत देता है कि राष्ट्रीय स्तर पर बारिश सामान्य से थोड़ी कम रह सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में एक जैसी स्थिति रहेगी, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा का पैटर्न अलग रहने की संभावना है।
क्या होता है LPA और क्यों है महत्वपूर्ण?
आईएमडी के मुताबिक, LPA (Long Period Average) किसी क्षेत्र में 30 से 50 वर्षों के दौरान दर्ज औसत वर्षा का मानक होता है। मौजूदा पूर्वानुमान के लिए 1971 से 2020 के बीच के वर्षा आंकड़ों को आधार बनाया गया है।
मौसम विशेषज्ञ इसी औसत के आधार पर यह तय करते हैं कि किसी महीने या मानसून सीजन में बारिश सामान्य, कम या अधिक रहने की संभावना है। यही आंकड़ा कृषि, जल प्रबंधन और मौसम संबंधी योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
किन क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है?
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में स्थिति बेहतर रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में सामान्य से सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है—
- उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्से
- पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्र
- पूर्व-मध्य भारत के चुनिंदा इलाके
- पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्से
इन क्षेत्रों में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
कृषि और जल संसाधनों पर पड़ सकता है असर
जुलाई खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण महीनों में गिना जाता है। ऐसे में यदि कई इलाकों में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो इसका असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने किसानों और जल प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को सलाह दी है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाएं तैयार करें, ताकि बदलते मौसम के प्रभाव को कम किया जा सके।
कई राज्यों में बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट
मासिक पूर्वानुमान के साथ-साथ आईएमडी ने अगले कुछ घंटों के लिए कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
इन राज्यों में मौसम रहेगा ज्यादा सक्रिय
मौसम विभाग ने जिन राज्यों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, उनमें शामिल हैं—
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- ओडिशा
- झारखंड
- केरल
- आंध्र प्रदेश
इन राज्यों के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
लोगों के लिए IMD की सलाह
आईएमडी ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि आंधी या बिजली चमकने के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें। मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।












