लखनऊ/02 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। राज्य में डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं को तेज गति से लागू किया गया। सरकार का दावा है कि इन पहलों का लाभ करोड़ों गरीब, किसान और महिलाओं तक सीधे पहुंचा है, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर व्यापक परिवर्तन देखने को मिला।
यूपी में केंद्रीय योजनाओं का लाभ: मिशन मोड में बदला योजनाओं का क्रियान्वयन
प्रदेश सरकार के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा था। लाभार्थियों की पहचान, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती जैसी चुनौतियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र लोग इन योजनाओं से वंचित रह जाते थे। 2017 के बाद राज्य सरकार ने इन्हें मिशन मोड में लागू करने की रणनीति अपनाई, जिसके चलते विभिन्न योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 62 लाख से अधिक परिवारों को मिला पक्का घर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का कहना है कि पहले जहां आवास निर्माण की गति काफी धीमी थी, वहीं अब पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा रहा है। इससे लाखों परिवारों का कच्चे घर से पक्के मकान तक का सफर पूरा हुआ है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 79 लाख किसानों को मिला सुरक्षा कवच
कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए लागू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू किया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 79 लाख से अधिक किसानों को फसल नुकसान के एवज में कुल 6,283 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। इससे किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आर्थिक राहत मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन ने बदली ग्रामीण स्वच्छता की तस्वीर
ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मार्च 2017 तक जहां ग्रामीण स्वच्छता का दायरा करीब 35 प्रतिशत था, वहीं अब राज्य में 3.31 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। सरकार के अनुसार, उत्तर प्रदेश को 100 प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित किया गया है। इसके अलावा 94 हजार से अधिक गांव अब ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था के साथ ODF प्लस श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।
उज्ज्वला योजना से 1.86 करोड़ महिलाओं को मिला एलपीजी कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.86 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने लाभार्थी परिवारों को होली और दीपावली पर दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने की व्यवस्था भी लागू की है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों पर ईंधन संबंधी आर्थिक बोझ कम करना और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है।
गरीबों, किसानों और महिलाओं पर रहा योजनाओं का विशेष फोकस
प्रदेश सरकार का कहना है कि बीते नौ वर्षों में केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सबसे अधिक लाभ गरीब परिवारों, छोटे किसानों, ग्रामीण महिलाओं और वंचित वर्गों को मिला है। आवास, स्वच्छता, कृषि सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन जैसी योजनाओं ने जीवन स्तर सुधारने के साथ सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करने का काम किया है। सरकार का दावा है कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से उत्तर प्रदेश में विकास योजनाओं का लाभ अब अधिक पारदर्शी और व्यापक स्तर पर पात्र लोगों तक पहुंच रहा है।











