लखनऊ|03 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश की नौकरशाही को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र अब ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ के दौर से पूरी तरह बाहर निकल चुका है और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब उत्तर प्रदेश का हर गांव, कस्बा और शहर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़े।
विकसित उत्तर प्रदेश के लिए नौकरशाही की भूमिका पर सीएम योगी का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नए अत्याधुनिक परिसर के लोकार्पण समारोह में कही। 464 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बने इस आधुनिक प्रशिक्षण परिसर का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व केवल दिशा और विजन देता है, लेकिन उस विजन को धरातल पर उतारने की वास्तविक जिम्मेदारी प्रशासनिक व्यवस्था निभाती है। इसलिए अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण, क्षमता विकास और सकारात्मक कार्यसंस्कृति किसी भी राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत होती है।
टीमवर्क और सकारात्मक सोच से मिलेगा बेहतर परिणाम
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि अकेले आगे बढ़ने या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से बेहतर परिणाम नहीं मिल सकते। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रशासन में टीमवर्क, नवाचार, तकनीक और संवेदनशील कार्यशैली ही सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने अकादमी को देश के अग्रणी ‘स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप’ के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ‘नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग’ की अवधारणा को मजबूत करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की छवि नकारात्मक बनी रही। आम धारणा यह थी कि देश की कोई भी बड़ी योजना प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल प्रशासनिक व्यवस्था ही नहीं, बल्कि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।
उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है। आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सुरक्षा, सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन तथा बड़े आयोजनों के सफल प्रबंधन के कारण राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहने की स्थिति नहीं रही। प्रदेश लगातार छह वर्षों से राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) राज्य बना हुआ है और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में लगातार अग्रणी राज्यों में शामिल है।
मिशन कर्मयोगी में भी उत्तर प्रदेश बना अग्रणी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट (iGOT) प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के मामले में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों से अब प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी के लिए प्रदेशभर में व्यापक जनसंवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक सुझाव लिए गए। इस दौरान 300 से अधिक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद किया, जबकि प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए।
तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर लगी रोक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों को मजबूत किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में ई-पॉस मशीनों के उपयोग से राशन वितरण में पारदर्शिता आई और शिकायतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई।
उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को अब मोबाइल पर पर्ची और भुगतान से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल जाती है। वहीं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था लागू होने के बाद पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित करने वाला राज्य बन चुका है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे प्रदेश में हैं। इसके अलावा मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे और आधुनिक सड़क नेटवर्क जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और प्रशासनिक दक्षता के कारण प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाले वर्षों में विकसित भारत के लक्ष्य में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी तथा प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।








