लखनऊ/03 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मलिहाबादी दशहरी आम को अब वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार मलिहाबाद के खास आमों को ‘काकोरी’ ब्रांड के रूप में स्थापित कर रही है। उनका कहना था कि यह नाम सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि काकोरी के अमर शहीदों को सम्मान देने का भी माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आमों की मिठास अब देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। सरकार किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि उन्हें बेहतर कीमत और अंतरराष्ट्रीय पहचान दोनों मिल सकें।
मलिहाबादी दशहरी आम को वैश्विक पहचान दिलाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मलिहाबादी दशहरी आम को पहले ही भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त है, जिससे इसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। अब सरकार इसे ‘काकोरी’ ब्रांड के जरिए नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस ब्रांड का नाम काकोरी कांड के अमर शहीदों की स्मृति में रखा गया है। इससे देशभक्ति का संदेश भी जाएगा और मलिहाबाद के आमों को एक विशिष्ट ब्रांड वैल्यू भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों ने भी इस पहल का समर्थन किया है और उनकी मेहनत की मिठास इस ब्रांड की सबसे बड़ी पहचान बनेगी।
दुबई से जापान तक पहुंच रहा यूपी का दशहरी आम
मुख्यमंत्री ने बताया कि मलिहाबाद के दशहरी आम की सीधी आपूर्ति दुबई (यूएई), ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे देशों में की जा रही है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक मैंगो पैक हाउस जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पैकिंग और सप्लाई सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में 30 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आम की खेती होती है और यहां 700 से अधिक किस्मों के आम उगाए जाते हैं, जो इसे दुनिया के सबसे समृद्ध आम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल करते हैं।
800 से ज्यादा किस्मों ने बढ़ाया आम महोत्सव का आकर्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार लगातार दसवें वर्ष आम महोत्सव का आयोजन कर रही है। वर्ष 2017 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब सीमित संख्या में उत्पादक और किस्में शामिल हुई थीं, लेकिन आज यह आयोजन नए मुकाम पर पहुंच चुका है।
इस बार महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के आम उत्पादन क्षेत्र का केवल लगभग 9 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद यहां आम की विविधता बेहद समृद्ध है। यह आयोजन किसानों को अपनी उपज प्रदर्शित करने और नए बाजारों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध करा रहा है।
देश के कुल आम उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अकेले देश के कुल आम उत्पादन में करीब 26 प्रतिशत का योगदान देता है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की मिट्टी और जलवायु ने यहां आम की अलग-अलग किस्मों को विशिष्ट स्वाद और पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि मलिहाबाद की दशहरी, वाराणसी और गोरखपुर का लंगड़ा, तथा बागपत और सहारनपुर का चौसा जैसे आम अपनी अलग गुणवत्ता और स्वाद के कारण देश-विदेश में पसंद किए जाते हैं। यही विविधता उत्तर प्रदेश को आम उत्पादन में अग्रणी बनाती है।
प्राकृतिक खेती और निर्यात से बढ़ सकती है किसानों की आय
मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि यदि प्राकृतिक तरीकों से कीट नियंत्रण को बढ़ावा दिया जाए तो उत्पादन की गुणवत्ता और बेहतर हो सकती है। उन्होंने इस दिशा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के कई किसान आम की खेती से लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। यदि निर्यात योग्य गुणवत्ता पर और अधिक ध्यान दिया जाए तो उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार तक हर स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने आम महोत्सव को किसानों, उद्यमियों और खरीदारों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी आम उत्पादकों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मलिहाबादी दशहरी आम विश्व बाजार में उत्तर प्रदेश की एक मजबूत पहचान बनेगा।








