लखनऊ/03 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यूपी सरकारी भवनों पर सोलर संयंत्र लगाने की योजना को गति देते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी सरकारी और अर्धसरकारी विभागों को अपने भवनों की छतों पर जल्द से जल्द रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसरों की उपलब्ध छतों का अधिकतम उपयोग कर सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाया जाए, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हो और सरकारी खर्च में उल्लेखनीय बचत हो सके।
यूपी सरकारी भवनों पर सोलर संयंत्र लगाने का अभियान होगा तेज
शुक्रवार को अपने कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव एसपी गोयल ने विभिन्न विभागों में रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन सरकारी भवनों पर सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं, उनका जल्द सर्वेक्षण कराया जाए और पात्र भवनों पर बिना देरी के स्थापना प्रक्रिया शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में सभी विभाग इस अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ाएं।
हर विभाग में बनेगा नोडल अधिकारी, नियमित होगी समीक्षा
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सोलर परियोजनाओं की निगरानी के लिए प्रत्येक विभाग एक नोडल अधिकारी नामित करे। यही अधिकारी स्थापना कार्य की प्रगति पर नजर रखेगा और समय-समय पर उसकी समीक्षा सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग को तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो सकें।
बिजली खर्च घटेगा, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी भवनों पर सोलर संयंत्र स्थापित होने से बिजली की पारंपरिक आपूर्ति पर निर्भरता कम होगी और सरकारी संस्थानों के बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन घटाने और पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा केवल आर्थिक बचत का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय की टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था की मजबूत नींव भी है। इसी उद्देश्य से सभी विभागों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।










