लखनऊ/03 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आम उत्पादन और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा विजन सामने रखा है। यूपी आम महोत्सव 2026 के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य को “सर्वश्रेष्ठ आम मूल्य श्रृंखला (Mango Value Chain)” का केंद्र बनाने के लिए उत्पादन से लेकर ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक पूरी व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की हर प्रमुख आम किस्म को पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग की दिशा में तेजी से काम होना चाहिए।
यूपी आम महोत्सव 2026 में CM योगी ने रखी आम उद्योग के विकास की व्यापक रूपरेखा
शुक्रवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय आम महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल अधिक उत्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुरूप गुणवत्ता, ट्रेसेबिलिटी, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और वैल्यू एडिशन पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। उनका कहना था कि पेस्टिसाइड और रसायन मुक्त उत्पाद ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थायी पहचान बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई पौध तैयार करने, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित बागवानी तकनीकों को अपनाने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। इसके साथ ही गुणवत्ता परीक्षण, कोल्ड चेन नेटवर्क, फूड प्रोसेसिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और वैश्विक निर्यात व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने मैंगो टूरिज्म को भी किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
GI टैग से मिलेगी प्रदेश की हर आम किस्म को नई पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मलिहाबाद के आम को जीआई टैग मिलने से उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। अब आवश्यकता इस बात की है कि उत्तर प्रदेश की अन्य पारंपरिक आम किस्मों को भी जीआई टैग दिलाने के लिए उद्यान विभाग समयबद्ध तरीके से आवेदन करे। उन्होंने बताया कि मलिहाबादी आम को अमर क्रांतिकारियों की स्मृति से जोड़ते हुए “काकोरी” ब्रांड के रूप में भी विकसित किया गया है।
किसानों की आय बढ़ाने का नया मॉडल बनेगा आम उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में एक एकड़ आम के बाग से दो से तीन लाख रुपये तक की आय संभव है। यदि फल उत्पादन के साथ प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक उत्पाद, मधुमक्खी पालन, पर्यटन, खाद्य उद्योग और निर्यात जैसी गतिविधियों को जोड़ा जाए तो किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को एग्री-इंटरप्रेन्योर बनाने और स्मार्ट हॉर्टिकल्चर को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
निर्यात को मिलेगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर, नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा टेस्टिंग पार्क
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सहारनपुर, वाराणसी, लखनऊ और अमरोहा में आम के लिए आधुनिक पैक हाउस विकसित किए जा चुके हैं। वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क तैयार किया जा रहा है, जिससे निर्यात प्रक्रिया और अधिक आसान होगी।
उन्होंने बताया कि आम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फ्रूट कवर बैग तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है और अब तक डेढ़ करोड़ से अधिक बैग किसानों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश से आम का निर्यात ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, मलेशिया, सिंगापुर और न्यूजीलैंड सहित कई देशों में हो रहा है।
महोत्सव में दिखीं 800 से अधिक आम की किस्में
तीन दिवसीय आम महोत्सव में लगभग 800 प्रकार के आम प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी में 100 ग्राम वजन वाले छोटे आम से लेकर डेढ़ से दो किलोग्राम तक के बड़े आकार के आम आकर्षण का केंद्र बने। कार्यक्रम में ड्रैगन फ्रूट और कमल उत्पादों की ब्रांडिंग भी प्रदर्शित की गई।
गौरतलब है कि देश के कुल आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 प्रतिशत है, जिससे यह देश का अग्रणी आम उत्पादक राज्य बना हुआ है।
हाईटेक नर्सरी और ‘काशी शहद’ ब्रांड का भी हुआ उल्लेख
उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पेपर बैग तकनीक, हाईटेक नर्सरी, निर्यात प्रोत्साहन और आधुनिक बागवानी पर लगातार निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पौध उत्पादन 74 लाख से बढ़कर 29 करोड़ तक पहुंच चुका है। साथ ही शहद की ब्रांडिंग “काशी शहद” नाम से की गई है और कमल की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आम की खेप को निर्यात के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, आम महोत्सव-2026 की स्मारिका का विमोचन किया तथा उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार और अपर मुख्य सचिव उद्यान बीएल मीणा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।









