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मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को योगी कैबिनेट की मंजूरी, किसानों और पशुपालकों को मिलेगा सुरक्षा कवच

On: July 6, 2026
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मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को योगी कैबिनेट की मंजूरी
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लखनऊ, 06 जुलाई। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दे दी गई। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू होगी और इसका उद्देश्य पशुओं की महामारी, दुर्घटना, अपंगता या मृत्यु जैसी परिस्थितियों में पशुपालकों को वित्तीय राहत उपलब्ध कराना है।

कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 27 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। इसी बैठक में शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी अंतिम मंजूरी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना से किसे मिलेगा लाभ

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों तथा डेयरी फार्म संचालकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। पशुओं में महामारी फैलने, दुर्घटना होने, स्थायी अपंगता या मृत्यु की स्थिति में बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को देनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

स्टार्टअप मिशन और नई नीतियों को भी मिली स्वीकृति

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश में निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना और प्रदेश को तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।

गोरखपुर-मुरादाबाद में अस्पताल, वाराणसी में बनेगा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि प्रदेश के श्रमिकों के बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

सरकार गोरखपुर और मुरादाबाद में अस्पताल निर्माण के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि तथा वाराणसी में मेडिकल कॉलेज के लिए 13 एकड़ भूमि भारत सरकार को उपलब्ध कराएगी। मेडिकल कॉलेज में 50 प्रतिशत एमबीबीएस सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।

पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सीधी सरकारी नौकरी

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की नियुक्ति अब लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से अलग सीधे की जाएगी।

कैबिनेट ने क्रीड़ाधिकारी के 9, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 3 तथा उप क्रीड़ाधिकारी के 23 पदों पर सीधी भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जानकारी दी कि प्रदेश में तीन नई निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए एलओपी जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इनमें दिल्ली का स्वामी ब्रह्मानंद चैरिटेबल ट्रस्ट कानपुर में महर्षि महेश योगी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसायटी गाजियाबाद में नया विश्वविद्यालय तथा एंग्लो संस्कृत कॉलेज फतेहपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा।

जलालाबाद का नया नाम होगा परशुरामपुरी

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दे दी गई है।

इसके अलावा राज्य कर्मचारियों के वर्दी धुलाई एवं वर्दी भत्ते, गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के क्रमशः 80 करोड़ और 50 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड, तथा उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

रायबरेली में बनेगा उद्यान महाविद्यालय और रिसर्च सेंटर

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रायबरेली के सदर तहसील स्थित ग्राम पड़ेरा में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के माध्यम से उद्यान महाविद्यालय और अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा।

इसके लिए कृषि विभाग की 20 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य बागवानी शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देकर किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है।

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