नई दिल्ली/07 जुलाई 2026: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि वह भारत के कई सफल मॉडल को अपने देश में अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत ने जिन योजनाओं के जरिए करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है, उनसे सीखने में इंडोनेशिया को कोई झिझक नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो का यह बयान चर्चा का विषय बन गया। उनके संबोधन के दौरान कई बार सभागार तालियों की गूंज से भर उठा और मौजूद अतिथियों के चेहरे पर मुस्कान भी साफ दिखाई दी।
‘मैं आपकी योजनाओं की कॉपी करता हूं’, प्रबोवो ने यूं जताई प्रशंसा
अपने संबोधन में राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर और भारत की विकास यात्रा पर नजर रखी है। उन्होंने कहा कि भारत की कई योजनाएं ऐसे परिणाम दे चुकी हैं, जो करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई हैं।
इसी दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मुझे खुशी है कि आपकी योजनाओं पर कोई कॉपीराइट नहीं है, इसलिए मैं आपकी कई योजनाओं की कॉपी करता हूं।” उनके इस बयान पर प्रधानमंत्री मोदी समेत समारोह में मौजूद सभी अतिथि मुस्कुरा उठे और पूरा हॉल तालियों से गूंज गया।
भारत और इंडोनेशिया की चुनौतियां समान, इसलिए सीखना जरूरी
राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया कई मामलों में एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। दोनों देशों की बड़ी आबादी है, कृषि अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियां भी समान हैं। इसके बावजूद भारत ने विकास के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो दूसरे विकासशील देशों के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी देश ने समान परिस्थितियों में प्रभावी समाधान विकसित किए हैं तो उन्हें अपनाने में किसी तरह का संकोच नहीं होना चाहिए।
भारतीय कृषि मॉडल और परमाकल्चर तकनीक का किया अध्ययन
राष्ट्रपति प्रबोवो ने बताया कि हाल ही में इंडोनेशिया का एक प्रतिनिधिमंडल दो से तीन सप्ताह के अध्ययन दौरे पर भारत आया था। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से शुष्क भूमि को दोबारा उपजाऊ बनाने की भारतीय तकनीकों और परमाकल्चर मॉडल का गहराई से अध्ययन किया।
उन्होंने कहा कि इन तकनीकों पर इंडोनेशिया गंभीरता से काम कर रहा है और भविष्य में इन्हें स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
तीन दिवसीय दौरे में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंद-प्रशांत मिशन के तहत तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम द्विपक्षीय समझौतों पर सहमति बनी। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, रक्षा, कृषि और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती देना है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से भी सम्मानित किया गया, जिसे दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।












