नई दिल्ली, 10 जुलाई। देशभर में राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत के नियम एक समान तरीके से लागू हों और इनके प्रस्तुतीकरण में किसी तरह की त्रुटि न हो, इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के गायन, वादन, क्रम और उच्चारण से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
गृह मंत्रालय की ओर से 9 जुलाई को जारी पत्र सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों के सचिवों को भेजा गया है। इसके साथ पहले जारी दिशा-निर्देशों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं, ताकि सभी संस्थान एक समान मानकों का पालन कर सकें।
किन अवसरों पर लागू होंगे ये निर्देश?
मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि पहले से जारी आदेशों में उन सभी अवसरों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का गायन या वादन अनिवार्य है। इसके अलावा ऐसे अवसर भी निर्धारित किए गए हैं, जहां आवश्यकता के अनुसार इन्हें प्रस्तुत किया जा सकता है।
निर्देशों में यह भी बताया गया है कि यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का आयोजन किया जाना हो तो उनका क्रम क्या होगा और कार्यक्रम की शुरुआत तथा समापन के दौरान किस प्रकार इन्हें प्रस्तुत किया जाएगा।
पहले राष्ट्रगीत, फिर राष्ट्रगान
गृह मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि यदि किसी समारोह में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएं तो सबसे पहले राष्ट्रगीत और उसके बाद राष्ट्रगान गाया या बजाया जाएगा। मंत्रालय ने सभी सरकारी संस्थानों से इस क्रम का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
राज्य गीत को लेकर भी स्पष्ट किए नियम
जिन राज्यों में सरकारी कार्यक्रमों के दौरान राज्य गीत भी गाया या बजाया जाता है, वहां उसके लिए भी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार यदि किसी कार्यक्रम में राज्य गीत, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान तीनों प्रस्तुत किए जाएं तो राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का निर्धारित क्रम बरकरार रहेगा। यानी पहले राष्ट्रगीत और उसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा।
सही शब्द, सही भाषा और सही उच्चारण पर विशेष जोर
गृह मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का प्रस्तुतीकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का विषय है। इसलिए इनके सही शब्द, सही पाठ, सही भाषा और शुद्ध उच्चारण का पूरी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का प्रमाणिक पाठ तथा सही उच्चारण उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। सभी राज्यों और सरकारी विभागों से कहा गया है कि वे अपने अधीन आने वाले कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों को आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि कहीं भी निर्धारित मानकों का उल्लंघन न हो।
सभी संवैधानिक संस्थानों को भी भेजी गई प्रति
गृह मंत्रालय के पत्र में सभी संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
इस पत्र की प्रतियां राष्ट्रपति सचिवालय, उपराष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, भारत निर्वाचन आयोग, संसद सचिवालय, सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न हाईकोर्ट, नीति आयोग सहित कई अन्य संवैधानिक और सरकारी संस्थानों को भी भेजी गई हैं।
मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत सरकार समय-समय पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करती रही है और इनका उद्देश्य पूरे देश में इनके प्रस्तुतीकरण की एकरूपता तथा गरिमा बनाए रखना है।












