नई दिल्ली/12 जुलाई 2026: देश की बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय रेल मंत्री ने घोषणा की है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का पहला परिचालन खंड सूरत से बिलीमोरा के बीच अगले साल शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भारत हाई-स्पीड रेल युग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा।
हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि परियोजना का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और पूरे कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा। उनका कहना था कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क तैयार होने के बाद देश के कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय नाटकीय रूप से कम हो जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा पूरा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजना का विस्तार अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। सबसे पहले सूरत-बिलीमोरा सेक्शन चालू होगा। इसके बाद क्रमशः वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अंत में अहमदाबाद-मुंबई सेक्शन को परिचालन के लिए खोला जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही प्रत्येक तैयार खंड पर परिचालन शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से हाई-स्पीड रेल सेवा का लाभ मिल सके।
कई शहरों के बीच यात्रा का समय होगा आधे से भी कम
रेल मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश के कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि भविष्य में—
- पुणे से हैदराबाद का सफर लगभग 2 घंटे में पूरा होगा।
- हैदराबाद से मुंबई की यात्रा करीब 2 घंटे 50 मिनट में संभव होगी।
- हैदराबाद से अमरावती केवल 1 घंटा 10 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
- हैदराबाद से चेन्नई की दूरी लगभग 3 घंटे में तय होगी।
- हैदराबाद से बेंगलुरु का सफर करीब 2 घंटे 35 मिनट का रह जाएगा।
सरकार का मानना है कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से यात्रियों के समय की बचत के साथ व्यापार, उद्योग और निवेश को भी नई गति मिलेगी।
हैदराबाद बनेगा देश का प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब
कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हैदराबाद को देश के प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इसके तहत पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु के बीच तीन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख औद्योगिक शहरों के बीच तेज कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
रेल मंत्री ने कहा कि इन कॉरिडोर से न केवल यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
तेलंगाना के रेलवे विकास पर भी सरकार का फोकस
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेलंगाना के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेलवे बजट आवंटित किया गया है। उनके अनुसार, इस निवेश से राज्य के रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और भविष्य की हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए आधार तैयार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से तेलंगाना में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और राज्य राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला सेक्शन अगले साल शुरू होने की घोषणा भारत की हाई-स्पीड रेल यात्रा के लिए अहम पड़ाव माना जा रहा है। इसके साथ ही सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से देश में तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल परिवहन का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।











