कानपुर/13 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई रफ्तार देने वाला Kanpur-Lucknow Expressway अब आम लोगों के लिए तैयार है। करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लंबा यह अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे 13 जुलाई से वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 45 मिनट रह जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे केवल तेज सफर का माध्यम नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस एक नई परिवहन व्यवस्था की शुरुआत भी माना जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच आवागमन के साथ उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे लोकार्पण
Kanpur-Lucknow Expressway का औपचारिक लोकार्पण 13 जुलाई को उन्नाव जिले की पुरवा विधानसभा क्षेत्र के पड़री खुर्द गांव के पास आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। उद्घाटन के साथ ही यह महत्वाकांक्षी परियोजना राष्ट्र को समर्पित कर दी जाएगी।
इस एक्सप्रेसवे की आधारशिला मार्च 2019 में रखी गई थी। बाद में 5 जनवरी 2022 को निर्माण कार्य को नई गति मिली। दिसंबर 2020 में इसे आधिकारिक तौर पर नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) का दर्जा दिया गया। परियोजना का निर्माण दो पैकेजों में पूरा किया गया है।
AI कैमरे, ऑटो अलर्ट और ई-चालान से होगी निगरानी
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्मार्ट तकनीक है। पूरे मार्ग पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) और AI आधारित CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे।
यदि कहीं सड़क दुर्घटना होती है, कोई वाहन खराब होकर खड़ा हो जाता है, कोई चालक गलत दिशा में गाड़ी चलाता है या ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, तो सिस्टम स्वतः कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा। इसके बाद राहत और बचाव दल तुरंत सक्रिय हो सकेंगे।
इसके अलावा निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कैमरे खुद करेंगे और ई-चालान स्वतः जारी हो जाएगा।
120 किमी प्रति घंटे की स्पीड, यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
Kanpur-Lucknow Expressway पर अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्ग पर कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन, कई अंडरपास, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और बड़े पुल बनाए गए हैं ताकि स्थानीय यातायात प्रभावित न हो। वहीं पूरे मार्ग की निगरानी के लिए 27वें और 35वें किलोमीटर पर अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
टोल शुल्क और संचालन की पूरी व्यवस्था तैयार
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की जिम्मेदारी महाराष्ट्र की साकार ग्लोबल कंपनी को सौंपी है। टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की तैनाती पूरी कर ली गई है, जबकि एक्सप्रेसवे का निर्माण PNC इंफ्राटेक ने किया है।
इस मार्ग पर NHAI का वार्षिक पास मान्य होगा, जिसके तहत एक तरफ की यात्रा पर केवल 15 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं बिना वार्षिक पास वाली कारों के लिए एक तरफ का टोल लगभग 275 रुपये निर्धारित किया गया है। यह शुल्क मौजूदा NH-27 की तुलना में अधिक है, लेकिन इसके बदले यात्रियों को कम समय, बेहतर सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि Kanpur-Lucknow Expressway केवल दो बड़े शहरों को जोड़ने वाली सड़क नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली अहम परियोजना साबित होगी। तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी से उद्योगों, व्यापारियों, निवेशकों और रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।








