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मानसून अपडेट: आंधी-तूफान और बारिश के बाद क्यों थमी बरसात? IMD ने बताया कब बदलेगा मौसम का मिजाज

On: July 14, 2026
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मानसून अपडेट, आंधी-तूफान और बारिश के बाद क्यों थमी बरसात
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नई दिल्ली/14 जुलाई 2026: जुलाई की शुरुआत में कई राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और अच्छी बारिश देखने को मिली, लेकिन अब देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बारिश पर अचानक ब्रेक क्यों लग गया और झमाझम बारिश का दौर दोबारा कब शुरू होगा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मानसून अपडेट के अनुसार, फिलहाल दक्षिण-पश्चिम मानसून की सबसे सक्रिय पट्टी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की ओर बनी हुई है। यही वजह है कि इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि उत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का वितरण असमान रहने का अनुमान है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले कई दिन भारी बारिश के आसार

IMD ने मेघालय और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले सात दिनों तक कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा ओडिशा, झारखंड, बिहार और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बादल बनने की प्रमुख गतिविधियां पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के आसपास ही केंद्रित रहेंगी।

त्रिपुरा में जलभराव और बाढ़ का खतरा

पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे अधिक असर त्रिपुरा में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 जुलाई तक राज्य में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

अगरतला से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का सिलसिला बना रहेगा। हालांकि 15 और 16 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन अधिकांश जिलों में भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 15 जुलाई को कई स्थानों पर आंधी, बिजली गिरने और तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत में कब लौटेगी तेज बारिश?

उत्तर भारत में फिलहाल व्यापक बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है, लेकिन जल्द ही इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है।

IMD के अनुसार 15 जुलाई से उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। सप्ताह के आखिर तक जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है।

वहीं उत्तर प्रदेश में 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

दक्षिण और तटीय राज्यों में गर्मी और उमस बरकरार

जहां देश का पूर्वी हिस्सा बारिश से तर रहेगा, वहीं दक्षिण और तटीय राज्यों के कई इलाकों में लोगों को फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम हैं।

IMD के अनुसार तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के कुछ हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक उमस भरा मौसम बना रहेगा। खासकर तटीय आंध्र प्रदेश में अगले तीन दिनों तक हीटवेव जैसे हालात महसूस किए जा सकते हैं।

क्यों धीमी पड़ गई मानसून की रफ्तार?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून पूरे देश में एक समान सक्रिय नहीं रहता। इसकी सक्रियता समय-समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानांतरित होती रहती है। फिलहाल मानसूनी प्रणाली पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत पर अधिक केंद्रित है, जिसके कारण वहीं भारी बारिश हो रही है, जबकि उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर कुछ समय के लिए कमजोर पड़ा है।

IMD का ताजा पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय रहेगा। इसके चलते इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वहीं उत्तर भारत में धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जबकि दक्षिण और तटीय राज्यों के कुछ हिस्सों में फिलहाल गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।

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