लखनऊ, 15 जुलाई 2026। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह केवल सम्मान का मंच नहीं रहा, बल्कि यह उन युवाओं की जीवंत कहानियों का साक्षी बना जिन्होंने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़कर अपने हुनर के दम पर नई पहचान बनाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त 11 युवाओं को सम्मानित किया। इस दौरान युवाओं ने अपने संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सफलता के अनुभव साझा किए, जिन्होंने पूरे सभागार को भावुक कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं और यही विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव है।
बरेली की राजरानी ने विपरीत परिस्थितियों में बनाई नई राह
सम्मान समारोह में बरेली की राजरानी की कहानी सबसे प्रेरक रही। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई, जबकि उनकी मां कैंसर से जूझ रही हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें हरियाणा में नौकरी मिली और आज वह 27 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त कर रही हैं। अपनी आय से वह मां का इलाज कराने के साथ पूरे परिवार का खर्च भी उठा रही हैं। उन्होंने युवतियों से सरकारी कौशल योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
आईटीआई की पढ़ाई से एनसीएल तक पहुंचे कृष्ण कुमार साहू
उन्नाव के कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें एनसीएल (कोल इंडिया का उपक्रम) में नौकरी मिली, जहां उन्हें लगभग एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पहले प्रशिक्षण केंद्र उनके गांव से करीब 35 किलोमीटर दूर था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर आईटीआई की सुविधा मिलने से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार की राह आसान हुई है।
भावना दुबे ने फैशन डिजाइनिंग से खड़ा किया अपना कारोबार
चंदौली की भावना दुबे ने आईटीआई से फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लेने के बाद स्वरोजगार की राह चुनी। उन्होंने बताया कि आज वह अपने काम से हर महीने 70 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं ने अनेक बेटियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
हेल्थकेयर स्टार्टअप से युवाओं को रोजगार दे रहे ज्ञान प्रकाश
ज्ञान प्रकाश वर्मा ने बताया कि आईटीआई से मिली प्रेरणा के बाद उन्होंने लखनऊ में हेल्थकेयर स्टार्टअप शुरू किया। महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनकी कंपनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान विकसित किए हैं। उन्होंने बताया कि उनका स्टार्टअप न केवल नवाचार की दिशा में काम कर रहा है, बल्कि कई युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।
शुभ्रा मिश्रा बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल
फर्रुखाबाद की शुभ्रा मिश्रा ने आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद एडवांस प्रशिक्षण भी पूरा किया और अपना उद्यम स्थापित किया। उन्होंने बताया कि आज उनकी मासिक आय करीब पांच लाख रुपये है। इतना ही नहीं, उनके संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को लगभग 70 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन भी दिया जाता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय सरकार की कौशल विकास योजनाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को दिया।
सम्मान पाकर भावुक हुए युवा, बताया यादगार पल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिन 11 युवाओं को सम्मानित किया उनमें शीतल कुमारी, नेहा, फरदीन खान, मोहम्मद बिलाल, राजरानी, वर्तिका गुप्ता, अर्जुन पाल, संगीता वर्मा, शिवांग वर्मा, राजीव विश्वकर्मा और विनीता शामिल रहे।
अयोध्या की शीतल कुमारी ने बताया कि कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें मेदांता में नौकरी मिली, जहां वह 23 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त कर रही हैं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है।
योजनाओं से मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान
गौतमबुद्ध नगर की संगीता वर्मा ने बताया कि नोएडा से आईटीआई प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और आज स्वयं उद्यमी के रूप में कार्य कर रही हैं। वहीं लखनऊ की वर्तिका गुप्ता ने अलीगंज स्थित आईटीओटी रिसर्च सेंटर से कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
हमीरपुर की नेहा ने भी अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि सामान्य परिवार से आने के बावजूद आज वह 22,800 रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलना और उनके हाथों सम्मानित होना उनके जीवन का पूरा हुआ सपना है।
विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सही प्रशिक्षण, अवसर और दृढ़ इच्छाशक्ति मिल जाए तो सीमित संसाधनों वाले युवा भी सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं। उत्तर प्रदेश में कौशल विकास योजनाओं से निकली ये कहानियां आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।












