नई दिल्ली/23 जुलाई 2026। NEET विवाद को लेकर संसद का मानसून सत्र लगातार गतिरोध का शिकार बना हुआ है। गुरुवार को सत्र के चौथे दिन सरकार और विपक्ष के बीच टकराव पहले से अधिक तीखा हो गया। संसद के भीतर जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, वहीं संसद भवन के बाहर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार ने विपक्ष से अपील की कि वह इस्तीफे जैसी पूर्व शर्तें छोड़कर सार्थक चर्चा में शामिल हो, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम रहा।
NEET विवाद पर संसद से सड़क तक बढ़ा सियासी टकराव
मानसून सत्र के चौथे दिन राज्यसभा और लोकसभा दोनों में कार्यवाही शुरू होते ही NEET विवाद पर हंगामा शुरू हो गया। राज्यसभा में सभापति ने जैसे ही कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का अवसर दिया, उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इसके जवाब में सत्ता पक्ष के सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद जब नेता सदन जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखना शुरू किया तो विपक्षी सांसदों ने भी जोरदार विरोध दर्ज कराया। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले कुछ समय के लिए और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद भवन के बाहर भी दिखा आमना-सामना
संसद के भीतर का गतिरोध संसद भवन परिसर तक भी पहुंच गया। मकर द्वार पर विपक्षी दलों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद अलग-अलग समूहों में खड़े होकर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
विपक्षी प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। दूसरी ओर भाजपा, शिवसेना, जनता दल (यूनाइटेड), तेलुगु देशम पार्टी और अन्य एनडीए सहयोगी दलों के सांसद सरकार के समर्थन में प्रदर्शन करते नजर आए।
प्रियंका गांधी के आगे बढ़ने पर सुरक्षा कर्मियों ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बन गया। नारेबाजी के बीच प्रियंका गांधी सत्ता पक्ष के प्रदर्शनकारी सांसदों की ओर बढ़ने लगीं। हालांकि उनके पास पहुंचने से पहले ही सुरक्षा कर्मियों ने बीच में आकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
राहुल गांधी ने रुककर पूछा हालचाल
मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान जब राहुल गांधी वहां पहुंचे तो सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनके खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी। इस बीच राहुल गांधी कुछ क्षण के लिए रुके और सामने मौजूद सांसदों का हालचाल पूछते दिखाई दिए। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी का दौर करीब एक घंटे तक जारी रहा।
सरकार ने बातचीत की अपील दोहराई
संसदीय गतिरोध के बीच सरकार की ओर से विपक्ष से एक बार फिर अपील की गई कि वह इस्तीफे जैसी पूर्व शर्तें छोड़कर सदन में चर्चा के लिए आगे आए। सरकार का कहना है कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद में संवाद होना चाहिए, जबकि विपक्ष का रुख है कि शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय किए बिना चर्चा का कोई औचित्य नहीं है।
फिलहाल NEET विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भी मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही पर इस मुद्दे का असर जारी रहने की संभावना है।











