आगरा/03 जुलाई 2026: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर अब पहले से अधिक सुरक्षित होने जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को नई तकनीक से जोड़ते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे ATMS कंट्रोल रूम पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के शुरू होने के बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल मौके पर तेजी से पहुंच सकेगा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे ATMS कंट्रोल रूम से होगी 24×7 रियल टाइम निगरानी
नई व्यवस्था के तहत एक्सप्रेसवे के शुरुआती 0 से 100 किलोमीटर तक वाहनों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि कहीं ओवरस्पीड, सड़क दुर्घटना, वाहन खराब होने या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति सामने आती है, तो उसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। इसके बाद संबंधित टीम को बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना किया जाएगा, जिससे समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
अत्याधुनिक वीडियो वॉल और डिजिटल सूचना प्रणाली से मिलेगी हर अपडेट
कंट्रोल रूम में 9 मीटर लंबी और 2 मीटर चौड़ी आधुनिक एलईडी वीडियो वॉल स्थापित की गई है, जहां पूरे एक्सप्रेसवे की गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जा सकेगी।
इसके अलावा वैरिएबल मैसेज साइन (CMS) के माध्यम से वाहन चालकों को मौसम में बदलाव, सड़क दुर्घटनाओं, ट्रैफिक जाम, डायवर्जन और अन्य जरूरी सूचनाएं तत्काल डिजिटल डिस्प्ले पर दिखाई जाएंगी, ताकि चालक समय रहते आवश्यक निर्णय ले सकें।
रॉन्ग साइड वाहन की तुरंत होगी पहचान
एक्सप्रेसवे पर होने वाले गंभीर हादसों की बड़ी वजहों में रॉन्ग साइड ड्राइविंग भी शामिल रही है। इसे रोकने के लिए व्हीकल इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। यह तकनीक गलत दिशा से आने वाले वाहन की पहचान होते ही कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट भेजेगी। इसके बाद संबंधित एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर संभावित दुर्घटना को रोकने का प्रयास करेंगी।
अब हर एक किलोमीटर पर नाइट विजन CCTV कैमरे
निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए अब प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर हाई-रिजॉल्यूशन नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे लगाने का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अंतिम चरण में उनकी कनेक्टिविटी का काम किया जा रहा है।
पहले एक्सप्रेसवे पर कैमरे पांच-पांच किलोमीटर की दूरी पर लगाए गए थे, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद निगरानी का दायरा काफी मजबूत हो जाएगा।
हर दो किलोमीटर पर मिलेगा इमरजेंसी कॉल बॉक्स का सहारा
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर प्रत्येक दो किलोमीटर की दूरी पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी स्थापित किए गए हैं। किसी भी दुर्घटना, वाहन खराब होने या अन्य आपात स्थिति में यात्री सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर तुरंत सहायता मांग सकेंगे।
यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना प्राथमिकता: यूपीडा
यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आर.एन. सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एटीएमएस कंट्रोल रूम, हाई-टेक सीसीटीवी नेटवर्क, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और अन्य सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय होने के बाद दुर्घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद बनेगी तथा सड़क हादसों में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।









