नई दिल्ली | 28 जनवरी 2026 — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बारामती में हुए कथित विमान हादसे में निधन की खबर से देशभर की राजनीति शोक में डूबी दिखाई दे रही है। इस दुर्घटना में उनके साथ अन्य लोगों के भी हताहत होने की सूचना है। जैसे-जैसे खबर सामने आई, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के कई शीर्ष नेताओं ने शोक संदेश जारी कर उन्हें “जनता का नेता” और “महाराष्ट्र के विकास के लिए समर्पित व्यक्तित्व” बताया।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि इस असमय क्षति से महाराष्ट्र की सियासत के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
अजित पवार प्लेन क्रैश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा:
“अजित पवार जनता के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर लोगों से गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में उनका समर्पण सराहनीय रहा। प्रशासनिक समझ और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने का उनका प्रयास काबिले-तारीफ था। उनका असमय निधन अत्यंत दुखद है। परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएँ। ओम शांति।”
गृहमंत्री अमित शाह: ‘मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति’
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा:
“एक दुखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनडीए के वरिष्ठ साथी अजित पवार को खोने की सूचना से मन व्यथित है। तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया। उनका जाना मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गहरा दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा:
“अजित पवार के असमय निधन की खबर से गहरा सदमा लगा। वे महाराष्ट्र की समृद्धि के लिए समर्पित रहे और जनता के प्रति करुणा के लिए जाने जाते थे। परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदनाएँ।”
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा:
“अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। यह राज्य और उनके परिवार के लिए बड़ा नुकसान है। इससे राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे।”
डीएमके सांसद टी. शिवा ने प्रतिक्रिया दी:
“यह अत्यंत दुखद है। वे एक डायनामिक नेता थे। शब्द कम पड़ रहे हैं।”
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा:
“यह चौंकाने वाली और दुखद खबर है। परिवार के प्रति संवेदनाएँ।”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा:
“यदि रिपोर्ट्स सही हैं, तो यह दिल दहला देने वाली घटना है। प्रभावित परिवारों को शक्ति मिले।”
सियासी हलकों में शोक और चर्चा
अजित पवार को लंबे समय से जमीनी राजनीति का चेहरा माना जाता रहा है। बारामती और पश्चिमी महाराष्ट्र में उनकी पकड़, संगठन कौशल और प्रशासनिक अनुभव को अक्सर उदाहरण के तौर पर देखा जाता था। ऐसे में उनके अचानक निधन की खबर ने न केवल समर्थकों को, बल्कि विरोधी दलों के नेताओं को भी स्तब्ध कर दिया है।













