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पर्व-त्योहारों से पहले दुरुस्त होंगी सड़कें, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

On: September 11, 2026
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पर्व-त्योहारों से पहले दुरुस्त होंगी सड़कें, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
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लखनऊ (Fri, 11 Sep 2026)। उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। अपने सरकारी आवास पर लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाया जाए। वहीं, बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक इन सड़कों का स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा हैं। इसलिए जिन मार्गों से शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों तक बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। अधिकारियों से उन्होंने साफ कहा कि काम में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, लेकिन तेजी के साथ गुणवत्ता से भी कोई समझौता न किया जाए।

बारिश से खराब सड़कों की तत्काल होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को फिलहाल तत्काल मोटरेबल बनाया जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। उन्होंने बारिश के दौरान सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखने और नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी समयबद्ध सर्वे कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान को महज खानापूर्ति या पैचवर्क तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। जहां सड़क की हालत बेहद खराब है, वहां पहले उसे आवागमन के योग्य बनाया जाए। बरसात खत्म होने के बाद उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश का सीधा असर उन सड़कों पर पड़ेगा, जिन पर लगातार बारिश और जलभराव के चलते आवाजाही प्रभावित हुई है। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की है।

पर्व-त्योहारों के लिए 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्व पड़ेंगे। इन अवसरों पर गांवों, कस्बों और शहरों के बीच लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।

इसी को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी है, ताकि पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सड़क की खराब हालत के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्वों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य पूरे किए जाएं। खासकर उन रास्तों पर ध्यान दिया जाए, जहां धार्मिक, सार्वजनिक या व्यावसायिक गतिविधियों के कारण लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।

भारी वाहनों की आवाजाही से भी क्षतिग्रस्त हुईं सड़कें

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे समेत विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। इसके चलते भी कई मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इन सड़कों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों को चिन्हित करते हुए संबंधित विभागों के लिए गड्ढामुक्ति के लक्ष्य तय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस पूरी प्रक्रिया में विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

4.36 लाख किलोमीटर सड़कों पर चलेगा गड्ढामुक्ति अभियान

बैठक में विभाग की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में गड्ढामुक्ति अभियान के तहत नौ विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें शामिल हैं। मौजूदा लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है। इसमें अब तक लगभग 5,751 किलोमीटर सड़कों पर काम पूरा होने की जानकारी दी गई।

क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरम्मत की जरूरत वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर अभियान में शामिल किया जा सके।

वहीं, नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा हुई। विभाग के अनुसार करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण तथा करीब 5 हजार किलोमीटर मार्गों की विशेष मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है। अब तक लगभग 14 हजार किलोमीटर नवीनीकरण और करीब 700 किलोमीटर विशेष मरम्मत का काम पूरा होने की प्रगति बताई गई।

कई विभागों की कार्ययोजना की हुई समीक्षा

सड़क सुधार की इस पूरी कवायद में केवल लोक निर्माण विभाग ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों की भूमिका भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली।

इसके साथ ही मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम मौजूद रहे।

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