नई दिल्ली/11 सितंबर 2026: नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कारोबार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें, सप्लाई रूट खुले हों और समुद्र में यात्रा करने वाले लोग सुरक्षित हों। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नेविगेशन की आजादी और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पक्का समर्थक है।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक मार्गों और समुद्री परिवहन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच समुद्री रास्तों की स्थिति का असर ऊर्जा आपूर्ति से लेकर वैश्विक सप्लाई चेन तक पर पड़ सकता है। ऐसे में BRICS के मंच से भारत की ओर से दिया गया यह संदेश खास महत्व रखता है।
BRICS में PM मोदी ने गिनाई समूह की बढ़ती आर्थिक ताकत
BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस साल BRICS अपने गठन के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। वर्ष 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें सिर्फ चार देश शामिल थे। आज BRICS और BRICS पार्टनर्स को मिलाकर यह 21 देशों का परिवार बन चुका है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, BRICS देश और उसके साझेदार मिलकर दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने समूह की आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा भी सामने रखा। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में जहां वैश्विक GDP करीब 1.5 गुना बढ़ी है, वहीं BRICS देशों की संयुक्त GDP लगभग 4.5 गुना बढ़ी है। यानी इस अवधि में BRICS की आर्थिक ताकत वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में कहीं तेज गति से बढ़ी है।
यह बदलाव BRICS के बढ़ते प्रभाव की ओर इशारा करता है। आर्थिक आकार बढ़ने के साथ समूह के फैसलों और नीतिगत प्राथमिकताओं का असर वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर PM मोदी का स्पष्ट संदेश
BRICS में PM मोदी का संदेश केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों की जरूरत पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार को गति देने के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना, सप्लाई रूट का खुला होना और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा जरूरी है। भारत नेविगेशन की स्वतंत्रता और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है।
भारत जैसे बड़े व्यापारिक देश के लिए यह मुद्दा सीधे आर्थिक हितों से जुड़ा है। समुद्री मार्गों में लंबे समय तक व्यवधान आने पर माल ढुलाई की लागत, ऊर्जा आपूर्ति और वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसलिए समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत का जोर केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
BRICS में इनोवेशन और नई तकनीक पर भी जोर
पीएम मोदी ने कहा कि BRICS देश अब वैश्विक इनोवेशन और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रासरूट स्तर के नवाचार से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक सदस्य देशों में नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।
उन्होंने BRICS की बढ़ती स्केल, स्पीड और ऑप्टिमिज्म का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा BRICS Business Forum है।
प्रधानमंत्री ने BRICS Women’s Business Alliance को भी भारत के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका कहना था कि महिला उद्यमियों को विकास यात्रा का नेतृत्व करने के लिए आगे आना चाहिए।
‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ पर भारत का फोकस
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है। उनके मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में भारत ने इन सिद्धांतों को अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों का आधार बनाया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने ऊर्जा से लेकर तकनीक तक अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाने पर काम किया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का जोर आर्थिक वृद्धि के साथ स्थिरता बनाए रखने पर है।
यह रणनीति ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाती है, जब दुनिया की अर्थव्यवस्था युद्ध, व्यापार तनाव और बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसी चुनौतियों से गुजर रही है।
व्यापार बाधाएं बढ़ीं तो भारत बना रहा आर्थिक पुल
PM मोदी ने कहा कि जब दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, तब भारत आर्थिक पुल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद भारत ने दुनिया के करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं।
BRICS के संदर्भ में भी भारत की नीति स्पष्ट बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लक्ष्य व्यापार में बाधाओं को कम करना और कारोबार के अवसरों को बढ़ाना है।
दरअसल, भारत BRICS को केवल एक राजनीतिक या आर्थिक समूह के तौर पर नहीं देखता, बल्कि इसे वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए एक बड़े मंच के रूप में भी आगे बढ़ाना चाहता है। यही वजह है कि नई दिल्ली में हो रहे BRICS Business Forum में व्यापार सुगमता, आपूर्ति श्रृंखला, निवेश और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए दिखाई देते हैं।













