लखनऊ, 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)। राजधानी लखनऊ की सड़कों पर मंगलवार को राजनीति और जनभावना का एक साथ उफान देखने को मिला। BJP की जन आक्रोश रैली के जरिए नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर विरोध दर्ज कराया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हजारों महिलाओं के साथ सड़क पर उतरे।
यह महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था—बल्कि इसे “नारी सम्मान” के मुद्दे पर सड़कों से उठी आवाज के रूप में पेश किया गया।
BJP की जन आक्रोश रैली: महिलाओं का उफान, सियासत का संदेश
सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यह पदयात्रा सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक पहुंची। तेज धूप के बावजूद महिलाओं का जोश कम नहीं हुआ। हाथों में तख्तियां, नारों की गूंज और अनुशासित भीड़—यह दृश्य राजधानी के लिए असाधारण रहा।
सीएम योगी ने मंच से कहा कि विपक्ष द्वारा विधेयक को पारित न होने देना “नारी गरिमा के प्रतिकूल” है। उनके अनुसार, यह व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करता है।
विपक्ष पर सीधा हमला, राजनीतिक तापमान बढ़ा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके समेत विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दलों को सकारात्मक भूमिका निभाने का अवसर दिया था, लेकिन उन्होंने इसे “नकारात्मक राजनीति” में बदल दिया।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि देशभर में महिलाएं अब इस मुद्दे पर चुप नहीं हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जता रही हैं।
योजनाओं का जिक्र, सरकार की उपलब्धियों पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में “महिला, गरीब, युवा और किसान” को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई गई हैं।
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन में ठोस बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन सिर्फ सफाई का अभियान नहीं, बल्कि “नारी गरिमा” की रक्षा का माध्यम है, जबकि उज्ज्वला योजना ने महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को मजबूती दी है।
डबल इंजन सरकार और महिलाओं की सुरक्षा
सीएम योगी ने दावा किया कि “डबल इंजन” सरकार में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
भीड़ में दिखा जनभावना का असर
इस BJP जन आक्रोश रैली की खास बात सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि उसमें शामिल लोगों की भावना भी रही। युवा छात्राओं से लेकर कामकाजी महिलाओं और बुजुर्गों तक—हर वर्ग की भागीदारी ने इसे व्यापक स्वरूप दिया।
रास्ते में आम लोगों ने भी तालियों और नारों के साथ इस पदयात्रा का स्वागत किया। कई जगहों पर लोग रुककर इस दृश्य को देखते रहे—कुछ समर्थन में, तो कुछ उत्सुकता से।
नेतृत्व की मौजूदगी ने दी मजबूती
रैली में केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई नेता शामिल रहे।
इनकी मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और इसे बड़े राजनीतिक अभियान में बदलने की तैयारी है।
निष्कर्ष: सड़क से संसद तक गूंज
लखनऊ में निकली यह BJP जन आक्रोश रैली सिर्फ एक दिन की घटना नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक विमर्श की शुरुआत मानी जा रही है।
महिलाओं की भारी भागीदारी और सत्ताधारी नेतृत्व की सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि “नारी शक्ति वंदन” का मुद्दा आने वाले समय में सियासत के केंद्र में रहने वाला है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस जनआक्रोश की गूंज संसद और चुनावी मैदान में किस तरह सुनाई देती है।








