पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), 19 अप्रैल 2026 (रविवार): पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनावी तापमान लगातार बढ़ रहा है, और इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुरुलिया की धरती से सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) पर सीधा और तीखा हमला बोला। “जब भी भय और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंचते हैं, लोग भाजपा पर भरोसा करते हैं”—इस एक लाइन ने उनके पूरे भाषण का सार भी बता दिया और चुनावी संदेश भी।
🔸 चुनावी संकेत या आत्मविश्वास?
प्रधानमंत्री ने विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर चुनावी नतीजों को लेकर भविष्यवाणी नहीं करते, लेकिन इस बार जो भी मिल रहा है, उससे यही संकेत मिल रहा है कि भाजपा भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।
उनके इस बयान में केवल राजनीतिक दावा नहीं, बल्कि ज़मीनी फीडबैक का हवाला भी साफ झलकता है।
“भाजपा पर भरोसा” – राज्यों के उदाहरण से समझाया संदेश
पीएम मोदी ने अपने तर्क को मजबूत करने के लिए पड़ोसी राज्यों का उदाहरण दिया।
- Tripura में लंबे समय तक वामपंथी शासन रहा, लेकिन जनता ने बदलाव के लिए भाजपा को चुना।
- Assam में कांग्रेस के लंबे शासन के बाद भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा, “यही पैटर्न अब बंगाल में भी दिखाई दे रहा है।”
यहां प्रधानमंत्री का संकेत साफ था—जनता बदलाव के मूड में है।
किसानों और सिंडिकेट पर बड़ा आरोप
प्रधानमंत्री ने TMC सरकार पर सबसे गंभीर आरोप किसानों के मुद्दे पर लगाए।
उन्होंने कहा कि:
- बंगाल के किसानों को “हर कदम पर धोखा” मिला
- खासकर आलू किसानों की हालत खराब है
- मंडियों और कोल्ड स्टोरेज पर “सिंडिकेट का कब्जा” है
उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर इस सिंडिकेट राज को जड़ से खत्म किया जाएगा और बाजारों को “चुन-चुन कर खाली कराया जाएगा”।
आदिवासी इलाकों की बदहाली पर चिंता
प्रधानमंत्री ने पुरुलिया जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।
उनके अनुसार:
- सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर हैं
- आदिवासियों की जमीन पर उनका ही अधिकार नहीं रह गया है
- TMC के सिंडिकेट ने जमीनों पर कब्जा कर लिया है
उन्होंने भाजपा के “डबल इंजन” मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि इससे विकास की रफ्तार दोगुनी होगी।
किसानों के लिए बड़े वादे
पीएम मोदी ने किसानों को लेकर कई अहम घोषणाएं भी दोहराईं:
- धान का समर्थन मूल्य (MSP) ₹3100 तक करने की बात
- PM Kisan Samman Nidhi के तहत मिलने वाली राशि ₹6000 से बढ़ाकर ₹9000 करने का वादा
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की योजनाएं बंगाल में तेजी से लागू होंगी।
“कटमनी और भ्रष्टाचार” बना मुख्य मुद्दा
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल में बिना “कटमनी” कोई काम नहीं होता।
उन्होंने कहा कि:
- शिक्षक भर्ती में घोटाले हुए
- युवाओं के साथ धोखा हुआ
- उद्योगों का माहौल खराब है क्योंकि निवेश “भय नहीं, भरोसे” से आता है
महिलाओं के मुद्दे पर भी घेरा
महिला आरक्षण को लेकर भी प्रधानमंत्री ने TMC को निशाने पर लिया।
उन्होंने दावा किया कि TMC ने संसद में 33% महिला आरक्षण का विरोध किया क्योंकि इससे महिला नेताओं की संख्या बढ़ जाती।
चुनावी निष्कर्ष: 4 मई के बाद बदलाव?
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव के आधार पर उन्हें पूरा विश्वास है कि 4 मई के बाद बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री शपथ लेगा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर राज्य और केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार होगी, तो पुरुलिया जैसे इलाकों का विकास दोगुनी गति से होगा।
निष्कर्ष
पुरुलिया की इस रैली में प्रधानमंत्री का भाषण केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक व्यापक चुनावी नैरेटिव गढ़ने की कोशिश भी था—जहां “भय बनाम भरोसा” को केंद्र में रखा गया।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह संदेश मतदाताओं तक किस हद तक असर डालता है।













