चित्रकूट/रविवार, 6 सितंबर 2026: भीषण बाढ़ से जूझ रहे चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने मंदाकिनी नदी से प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। इसके बाद रामायण मेला परिसर में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकानों के पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता भी दी। तीन प्रभावित परिवारों के सदस्यों को 1.20-1.20 लाख रुपये के चेक सौंपे गए। वहीं, कुछ लाभार्थियों को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र भी दिए गए। प्रशासन की ओर से अभी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सर्वे पूरा होने के बाद पात्र अन्य परिवारों को भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
चित्रकूट बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा
राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार हर वर्ग के पीड़ितों को बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित लोगों तक समय पर भोजन, राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने के साथ पुनर्वास की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को 1.20 लाख रुपये के चेक
रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाढ़ में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने वाले तीन पीड़ितों को आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए। मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को 1 लाख 20 हजार रुपये की दर से चेक दिए गए।
इसके अलावा राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र सौंपे गए। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों को दोबारा बसाने में मदद करना है, जिनके सामने बाढ़ के बाद रहने की समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों का सर्वे जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पात्रता और नुकसान के आकलन के आधार पर अन्य परिवारों को भी मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सहायता मिलने की उम्मीद है।
बाढ़ पीड़ितों ने बताया अपना दर्द, सीएम का जताया आभार
मुख्यमंत्री से राहत मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अपनी आपबीती भी साझा की। सीतापुर मलकाना क्षेत्र की रहने वाली रानी और मंजू ने बताया कि बाढ़ में उनका पूरा घर डूब गया था और गृहस्थी का सामान भी बर्बाद हो गया। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री के हाथों राशन किट मिलने से तत्काल जरूरतों में काफी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि उन्हें नया घर बनवाने का भरोसा भी दिया गया है।
कटरा गूजर गांव की आशा ने बताया कि बाढ़ में उनका मकान डूब गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से पहले दिन से ही खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। उन्होंने कहा कि आपदा के बावजूद उन्हें भोजन की परेशानी नहीं होने दी गई।
एक अन्य प्रभावित ज्ञान सिंह ने बताया कि उनका कच्चा मकान बाढ़ में ढह गया। उन्हें भी राशन किट मिलने के साथ घर बनवाने का आश्वासन मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रभावित लोगों के बीच पहुंचने को लेकर आभार जताया।
हवाई सर्वेक्षण के बाद जमीनी हालात भी देखे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट पहुंचने के बाद पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके जरिए मंदाकिनी नदी के उफान से प्रभावित क्षेत्रों और बाढ़ के फैलाव का जायजा लिया गया। इसके बाद उन्होंने प्रभावित इलाकों में जमीनी स्थिति देखी और लोगों से सीधे बातचीत की।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन से राहत, बचाव और पुनर्वास की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों का आकलन कर राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
चित्रकूट बाढ़ ने बड़ी संख्या में परिवारों के सामने आवास और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री का मुआवजा, भूमि आवंटन और राहत सामग्री वितरण पर जोर इस बात का संकेत है कि सरकार तत्काल राहत के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी आगे बढ़ाना चाहती है।










