अयोध्य|19 जून 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में विधिवत दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संत समाज से मुलाकात की और रामभक्तों से किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या षड्यंत्र से दूर रहने की अपील की।
अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज की अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनातन आस्था और भारतीय संस्कृति की पहचान बन चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी भारत सही दिशा में आगे बढ़ता है, तब कुछ ताकतें भ्रम फैलाने और विवाद खड़ा करने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा कि रामभक्तों और संत समाज को ऐसे किसी भी षड्यंत्र या दुष्प्रचार में पड़ने की आवश्यकता नहीं है। अयोध्या की पहचान भगवान श्रीराम से है और इसकी गरिमा को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब अयोध्या विकास और सुविधाओं के मामले में उपेक्षा का शिकार थी, लेकिन आज रामनगरी विश्व मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसके पीछे संतों के संघर्ष, करोड़ों रामभक्तों की आस्था और केंद्र व प्रदेश सरकार के समन्वित प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
अपने अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे और संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।
हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री ने संतों और महंतों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। संत समाज के साथ हुई यह मुलाकात काफी आत्मीय माहौल में हुई, जहां धार्मिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे और रामलला के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने मुख्यमंत्री को ‘घर-घर राम, हर घर रामायण’ अभियान की विशेष किट और गदा भेंट कर सम्मानित किया। इसी अवसर पर रामकथा का शुभारंभ भी हुआ, जिसमें महंत मिथिलेश नंदिनी शरण प्रवचन कर रहे हैं।
समारोह में जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, महंत मैथिली रमण शरण, अधिकारी राजकुमार दास, महंत राम कुमार दास, नेपाल से आए जगद्गुरु रामकृष्णाचार्य और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा सहित अनेक संत-महात्माओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महंत महेंद्र दास, आचार्य राधेश्याम शास्त्री, शरद शर्मा, आकाश मणि त्रिपाठी और राजानंद शास्त्री समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का यह अयोध्या दौरा धार्मिक आस्था, संत समाज के सम्मान और रामनगरी के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करने वाला माना जा रहा है।









