लखनऊ/31 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि और अर्नब तूफान के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरकर फसल क्षति का आकलन कराने और प्रभावित किसानों को बिना देरी मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसी भी किसान को राहत से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन करते समय संवेदनशीलता बरतने और वास्तविक स्थिति के आधार पर किसानों को सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही, जहां फसल की क्षति निर्धारित मुआवजे के दायरे से अधिक हो, वहां भी किसानों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
CM योगी के निर्देश, सभी जिलाधिकारी तत्काल करें फसल नुकसान का सर्वे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति का पता लगाने को कहा है।
उन्होंने निर्देश दिया है कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट तैयार न करें, बल्कि मौके पर जाकर खेतों की स्थिति देखें। फसल क्षति का सही आकलन होने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तत्काल आगे बढ़ाई जाए।
सरकार का जोर इस बात पर है कि आपदा के कारण पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे किसानों को राहत के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
निर्धारित मुआवजे से अधिक नुकसान पर भी किसानों को मिलेगी राहत
सीएम योगी ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि यदि किसी किसान की फसल को निर्धारित मुआवजे के दायरे से अधिक नुकसान हुआ है तो ऐसे मामलों को नजरअंदाज न किया जाए।
उन्होंने कहा है कि फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारी नुकसान की वास्तविक स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएं। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को उचित सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गंभीर रूप से प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान केवल निर्धारित औपचारिकताओं तक सीमित न रह जाए।
CM योगी बोले- संकट की घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल क्षति के आकलन से लेकर मुआवजा वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ पूरी करने को कहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राकृतिक आपदा के इस दौर में प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण में अनावश्यक देरी न हो और कोई भी पात्र प्रभावित किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
दरअसल, किसानों के लिए फसल का नुकसान केवल खेत तक सीमित नहीं होता। इससे उनकी पूरे साल की मेहनत, परिवार की आर्थिक जरूरतें और अगली फसल की तैयारी प्रभावित होती है। ऐसे में समय पर नुकसान का आकलन और मुआवजे का वितरण बेहद महत्वपूर्ण है।











