लखनऊ (शनिवार, 31 अक्टूबर 2026)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार और लौह पुरुष, भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरदार पटेल का जीवन इस शाश्वत सत्य का उद्घोष करता है कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता होती है। वहीं, इस एकता को मजबूत बनाने का सामर्थ्य राष्ट्र प्रथम की भावना में निहित है।
उन्होंने कहा कि मां भारती की सेवा के लिए समर्पित सरदार पटेल का जीवन प्रत्येक भारतीय को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा देता है।
‘राष्ट्रीय एकात्मता को अक्षुण्ण रखना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस राष्ट्रीय एकात्मता के लिए भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया, उसे अक्षुण्ण बनाए रखना आज प्रत्येक भारतीय का पावन कर्तव्य है।
उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता केवल संवैधानिक व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर ही एक मजबूत और समरस भारत का निर्माण किया जा सकता है।
सीएम योगी ने अपने संदेश में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए देशवासियों से इन मूल्यों को अपने आचरण में अपनाने की अपील की।
2017 से पहले की राजनीति पर सीएम योगी ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की पिछली राजनीतिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में तुष्टीकरण, जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति ने समाज को बांटने का काम किया। इससे राष्ट्रीय एकात्मता की भावना कमजोर हुई और सामाजिक समरसता को भी आघात पहुंचा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इस परिस्थिति को बदलने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को सुशासन का आधार बनाया। इसके माध्यम से सामाजिक समरसता को मजबूत करने और सरदार पटेल की अमूल्य विरासत को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प से जोड़ने का काम किया गया।
‘रन फॉर यूनिटी’ में शामिल होने की सीएम योगी ने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ को राष्ट्रीय एकात्मता की भावना जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक अवसर बताया।
उन्होंने प्रदेशवासियों से इस एकता दौड़ में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि इस आयोजन को केवल एक दौड़ तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे राष्ट्र के प्रति समर्पण और एकजुटता के संकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दौड़ में उठने वाला हर कदम देश की अखंडता के प्रति समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ के अटल संकल्प का प्रतीक बनना चाहिए।
सरदार पटेल की विरासत से जुड़ा है ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प
सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत की राजनीतिक और भौगोलिक एकता को मजबूत आधार प्रदान किया। यही कारण है कि उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सीएम योगी के संदेश का मूल भाव भी इसी विरासत से जुड़ा रहा। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि सरदार पटेल के आदर्शों को वास्तविक सम्मान तभी मिलेगा, जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित को अपने जीवन में प्राथमिकता देगा।










