06 जुलाई 2026/नई दिल्ली: भारत के प्रख्यात शिक्षाविद, राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोमवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान जारी अपने वीडियो संदेश में उनके विचारों और योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत में एक नए वैचारिक आंदोलन की नींव रखी, जिसने आगे चलकर भारतीय जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी के रूप में व्यापक जनसमर्थन हासिल किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना ऐसे समय में हुई थी, जब देश की राजनीति में कांग्रेस का व्यापक प्रभाव था। उस दौर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने वैकल्पिक राजनीतिक सोच को सामने रखने का साहस दिखाया।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना केवल एक राजनीतिक दल बनाने का प्रयास नहीं था, बल्कि यह लोकतंत्र में वैचारिक विविधता, राष्ट्रीय चिंतन और जनभागीदारी के प्रति डॉ. मुखर्जी की प्रतिबद्धता का प्रतीक था।
जनसंघ से भाजपा तक की यात्रा का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी विचार की शक्ति केवल उसकी स्थापना में नहीं होती, बल्कि उसे आगे बढ़ाने वाले लोगों के समर्पण में होती है। उन्होंने कहा कि लाखों कार्यकर्ताओं ने अपने तप, त्याग और समर्पण से इस विचारधारा को मजबूत किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भले ही भारतीय जनसंघ अपने मूल स्वरूप में मौजूद नहीं है, लेकिन उसी विचारधारा का विस्तार भारतीय जनता पार्टी के रूप में दिखाई देता है, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी बनकर जनसेवा कर रही है।
आने वाली पीढ़ियां भी करेंगी डॉ. मुखर्जी का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ कई विचार कमजोर पड़ जाते हैं, लेकिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा बोया गया वैचारिक बीज लगातार मजबूत होता गया। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जब भारतीय जनता पार्टी की यात्रा का इतिहास लिखा जाएगा, तब डॉ. मुखर्जी के साहस, दूरदृष्टि और विचारों का विशेष उल्लेख किया जाएगा।
बंगाल के लिए बताया विशेष अवसर
अपने करीब पांच मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए यह अवसर दोहरी खुशी का है। एक ओर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य में उनके सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अपने महान सपूत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है।
अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने भी दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए समर्पित महान नेता बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के जरिए उनके राष्ट्रवादी विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को देशभर में स्मरण किया गया।












