लखनऊ/04 सितंबर 2026। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के चौक स्थित सिर द्वारिकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा की और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान राज्यपाल ने भगवान कृष्ण को छप्पन भोग अर्पित किया।
मंदिर परिसर में जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
द्वारिकाधीश मंदिर में राज्यपाल ने अर्पित किया छप्पन भोग
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद मंदिर में भगवान कृष्ण की छठी उत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया।
आयोजकों के मुताबिक, इस अवसर पर छप्पन थाल सजाए जाएंगे और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। मंदिर परिसर में होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ लखनऊ की सांस्कृतिक परंपरा से भी जुड़ा हुआ है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की बधाई देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
वृंदावन के कलाकार पेश करेंगे रासलीला
मंदिर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की रासलीलाओं का मंचन भी किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी।
आयोजक मंडल ने बताया कि द्वारिकाधीश मंदिर में यह आयोजन हर साल परंपरागत रूप से किया जाता है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचते हैं और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ भगवान का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन
आयोजकों के अनुसार, छठी उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों के साथ प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था रहेगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
कार्यक्रम के आयोजन में उत्तम कपूर, सुनील खन्ना, संदीप, अनुराग मिश्रा और मनीष गुप्ता समेत आयोजक मंडल के अन्य सदस्यों की भूमिका रही। जन्माष्टमी के बाद होने वाले इस आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
लखनऊ के चौक क्षेत्र में स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में हर वर्ष होने वाले ये आयोजन शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां भक्ति, परंपरा और उत्सव का माहौल देखने को मिलता है।











