लखनऊ, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश की सड़क अवसंरचना को सोमवार को बड़ा बल मिला, जब राजधानी लखनऊ में ₹4,850 करोड़ की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनमें सबसे अहम लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रहा, जिसे राज्य की औद्योगिक, आर्थिक और शहरी कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
लखनऊ के सैनिक स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर ₹541 करोड़ की लागत से बनने वाले हरदोई-लखनऊ सीमा से लखनऊ रिंग रोड तक 23 किलोमीटर लंबे चार लेन मार्ग और इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर एक किलोमीटर लंबे चार लेन फ्लाईओवर का भी शिलान्यास किया गया।
शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड और मेट्रो परियोजना को मिली रफ्तार
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा साझा करते हुए बताया कि शहीद पथ के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड और मेट्रो परियोजना को केंद्रीय स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि लखनऊ-सीतापुर मार्ग को छह लेन बनाने और किसान पथ के किनारे सर्विस रोड विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ेगा।
राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में लखनऊ और उसके आसपास नए औद्योगिक निवेश बढ़ेंगे, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
दिसंबर 2026 तक डीपीआर और भूमि पूजन का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बन रहा है और राज्य के विकास का सीधा असर भारत की मजबूती पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ₹50,000 से ₹60,000 करोड़ की नई सड़क परियोजनाओं पर काम प्रस्तावित है, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विस्तृत चर्चा हो चुकी है।
उन्होंने घोषणा की कि शहीद पथ पर बनने वाली एलिवेटेड रोड और मेट्रो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) दिसंबर 2026 तक तैयार कर ली जाएगी और उसी दौरान भूमि पूजन भी किया जाएगा।
मलेशिया की तकनीक से बनेगी तीन मंजिला एलिवेटेड रोड
नितिन गडकरी ने बताया कि शहीद पथ पर बनने वाली एलिवेटेड रोड मलेशिया की आधुनिक तकनीक से तैयार होगी। यह सिंगल पियर पर आधारित तीन मंजिला संरचना होगी, जिसे देश की अनूठी सड़क परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। उनका कहना था कि इसके बनने के बाद राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
उन्होंने यात्रा समय में होने वाले बदलाव का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, लखनऊ-सीतापुर का सफर लगभग 50 मिनट में पूरा हो सकेगा, जबकि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जरिए कानपुर तक महज 25 मिनट में पहुंचना संभव होगा। उन्होंने बताया कि उद्घाटन के दौरान उन्नाव से सरोजिनी नगर तक की यात्रा केवल 22 मिनट में पूरी हुई।
कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर तेजी से चल रहा काम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई अहम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इनमें लखनऊ-गोंडा-पडरौना बाईपास, दादरी-लालकुआं, बाराबंकी-बहराइच, आगरा-ग्वालियर, गाजीपुर-मंजिया, गोरखपुर-शामली और गोरखपुर-सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर शामिल हैं।
‘गडकरी के शब्दकोश में “ना” शब्द नहीं’ : मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि “उनके शब्दकोश में ‘ना’ शब्द नहीं है।” उन्होंने कहा कि एक दशक पहले उत्तर प्रदेश पहचान और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों से जूझ रहा था, जबकि आज राज्य एयर कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय राजमार्ग और मेट्रो नेटवर्क के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास को नई गति देगा और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने 29 अप्रैल 2026 को गंगा एक्सप्रेसवे तथा 28 मई 2026 को जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आधुनिक परिवहन नेटवर्क वाला राज्य बन रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के प्रत्येक पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहर को बाईपास से जोड़ा जाएगा और हर जिले को फोर-लेन सड़क नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।








