19 जून 2026|कानपुर: उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव और कानपुर क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ा विजन सामने रखते हुए संकेत दिया कि लखनऊ-कानपुर रैपिड रेल परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के लिए आउटर रिंग रोड विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे राजधानी क्षेत्र के कई जिलों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
गुरुवार को उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 101 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव अब स्टेट कैपिटल रीजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ के बीच आधुनिक परिवहन का नया मॉडल बनी है, उसी तर्ज पर लखनऊ, उन्नाव और कानपुर को जोड़ने वाली रैपिड रेल का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
लखनऊ-कानपुर रैपिड रेल से बदल सकती है पूरे क्षेत्र की तस्वीर
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रस्तावित लखनऊ-कानपुर रैपिड रेल परियोजना केवल दो शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि SCR के अंतर्गत लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली जैसे जिले बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क से आपस में जुड़ेंगे।
इसके साथ ही आउटर रिंग रोड का निर्माण क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सरकारों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र और नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, वे पहले की सरकारें नहीं कर सकीं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि सीमित राजनीतिक हित थे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में विकास, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसका लाभ सीधे जनता को मिल रहा है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का जल्द होगा लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी जानकारी दी कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे सहित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण कर सकते हैं। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा और अधिक तेज तथा सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
गोसंरक्षण और प्राकृतिक खेती पर भी दिया जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार गोसंरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और गोवंश की सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश के 34 जिलों में शुरू की गई जहर मुक्त प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत घटाने में मददगार साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने इसे केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
सड़कों को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
कानपुर के एचबीटीयू परिसर में आयोजित लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से क्षतिपूर्ति की वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदेश सरकार की ओर से घोषित ये योजनाएं आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के मध्य क्षेत्र के विकास की दिशा तय कर सकती हैं। खासकर लखनऊ-कानपुर रैपिड रेल और SCR के लिए प्रस्तावित आउटर रिंग रोड को भविष्य की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के रूप में देखा जा रहा है।










