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NEET पेपर लीक पर सरकार चर्चा को तैयार, किरेन रिजिजू बोले- छात्र हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

On: July 22, 2026
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NEET पेपर लीक पर सरकार चर्चा को तैयार, किरेन रिजिजू
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नई दिल्ली/22 जुलाई 2026। NEET पेपर लीक विवाद और इसे लेकर देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की सहमति जताई है। हालांकि, विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि बहस शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर वह पीछे नहीं हटेगा।

बुधवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। सदन के भीतर हंगामे और नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि छात्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और सरकार NEET पेपर लीक मामले पर विस्तार से चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

किरेन रिजिजू बोले- छात्रों के हित सर्वोपरि

लोकसभा में बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर किसी भी तरह की चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रिजिजू ने सदन में कहा, “छात्र हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। हम NEET पेपर लीक के मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा चाहते हैं।” उनके इस बयान के बाद सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि वह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।

विपक्ष ने प्रधानमंत्री के बयान की मांग दोहराई

सरकार की ओर से चर्चा की सहमति मिलने के बावजूद विपक्ष ने अपना रुख नरम नहीं किया। विपक्षी दलों ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में बयान देने की मांग की।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को स्वयं सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने कठोर व्यवहार किया और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि इस विषय पर संसद के भीतर जवाब नहीं मिल रहा था।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

विपक्ष का कहना है कि केवल चर्चा से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि इस पूरे मामले में जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले इस्तीफा देना चाहिए, उसके बाद ही सार्थक बहस संभव होगी।

विपक्षी दलों का तर्क है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय किए बिना चर्चा का कोई औचित्य नहीं है।

हंगामे के बीच स्थगित हुई सदन की कार्यवाही

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनाकर चर्चा शुरू कराने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष NEET पेपर लीक मुद्दे पर बहस चाहते हैं, लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा।

लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन में सामान्य कार्यवाही नहीं चल सकी और अंततः लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

छात्रों के मुद्दे पर बढ़ा राजनीतिक टकराव

NEET पेपर लीक को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक बहस तेज होती जा रही है। एक ओर सरकार इस मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है, वहीं विपक्ष जवाबदेही तय करने और शीर्ष स्तर पर जवाब मांगने की रणनीति पर कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के मानसून सत्र का सबसे प्रमुख राजनीतिक और शैक्षिक विषय बना रह सकता है।

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