विक्टोरिया (सेशेल्स)/29 जून 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेशेल्स दौरे का तीसरा और अंतिम दिन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास रहा। सोमवार को प्रधानमंत्री ने राजधानी विक्टोरिया स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनायकर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक बना। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान पीएम मोदी ने रणनीतिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी।
क्यों खास है अरुल मिहू विनायकर मंदिर?
विक्टोरिया की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनायकर मंदिर को सेशेल्स का प्रमुख और एकमात्र हिंदू मंदिर माना जाता है। वर्ष 1992 में स्थापित यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता के रूप में पूजा जाता है।
मंदिर का स्थापत्य पूरी तरह दक्षिण भारतीय शैली से प्रेरित है। इसका भव्य गोपुरम रंग-बिरंगी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से सुसज्जित है, जो पहली नजर में ही श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है। गर्भगृह में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु दर्शन करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद वहां मौजूद लोगों से भी मुलाकात की। इसके बाद उनका प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली के लिए रवाना हो गया।
सेशेल्स में भारतीय समुदाय की मजबूत पहचान
सेशेल्स की कुल आबादी में हिंदू समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 2 प्रतिशत है, जबकि भारतीय मूल के लोगों की संख्या करीब 6 प्रतिशत मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय समुदाय ब्रिटिश शासन के दौरान यहां पहुंचा था। समय के साथ भारतीय मूल के लोगों ने व्यापार, सेवा और विभिन्न पेशों में अपनी मजबूत पहचान बनाई और आज वे सेशेल्स की अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा हैं।
यही कारण है कि अरुल मिहू नवशक्ति विनायकर मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय विरासत और सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक माना जाता है।
सम्मान और रणनीतिक साझेदारी दोनों रहे दौरे के केंद्र में
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उनके योगदान के लिए ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ सम्मान से भी सम्मानित किया। यह सम्मान समुद्री संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े वैश्विक प्रयासों में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करता है।
इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को गोवा शिपयार्ड में निर्मित एक पेट्रोल वेसल उपहार स्वरूप सौंपा। इस समुद्री निगरानी पोत से सेशेल्स के तटरक्षक बल को अपने समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा में अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। साथ ही भारत की ओर से एंबुलेंस और विशेष उपयोग वाले कई वाहन भी भेंट किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन पहलों से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और विकास साझेदारी को नई गति मिलेगी।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई दिशा
तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने कूटनीति, संस्कृति, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। अरुल मिहू नवशक्ति विनायकर मंदिर में उनकी पूजा-अर्चना ने इस यात्रा को आध्यात्मिक आयाम भी दिया, जबकि दोनों देशों के बीच भरोसे और मित्रता के रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का संदेश दुनिया तक पहुंचाया।












